बिहार कोचिंग नियमों में नए सख्त निर्देश |
बिहार सरकार ने राज्य में कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इसके लिए शिक्षा विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
कोचिंग संस्थानों को देना होगा छात्रों का पूरा विवरण
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार बिहार के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए अपने यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की पूरी जानकारी संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। अब कोई भी कोचिंग संस्थान अपने विद्यार्थियों का रिकॉर्ड छिपा नहीं सकेगा।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से कोचिंग संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों से जुड़ी जानकारी प्रशासन के पास उपलब्ध रहेगी।
स्कूल और कॉलेज के समय नहीं चलेंगी कोचिंग कक्षाएं
छात्रों की नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने कोचिंग संस्थानों के समय को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि स्कूल और कॉलेजों के निर्धारित शैक्षणिक समय के दौरान कोई भी कोचिंग संस्थान अपनी कक्षाएं संचालित नहीं कर सकेगा।
हालांकि यह नियम उन विद्यार्थियों पर लागू नहीं होगा, जो अपनी स्कूल या कॉलेज की नियमित पढ़ाई पूरी कर चुके हैं।
शिक्षा विभाग तैयार करेगा नई नियमावली
इन निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग को एक नई और सुदृढ़ नियमावली तैयार करने का निर्देश दिया है। इस नियमावली में कोचिंग संस्थानों के संचालन से जुड़े विभिन्न प्रावधानों को शामिल किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि वह राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नए नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र अपनी नियमित स्कूली और कॉलेज शिक्षा पर पूरा ध्यान दे सकें तथा शिक्षा व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बन सके।