Sunday, August 16, 2026 10:08:09 AM

केशव मौर्य के बयान पर सियासी घमासान
मदरसों पर डिप्टी सीएम के बयान से यूपी की राजनीति गरमाई, कैबिनेट में शिक्षा संशोधन प्रस्ताव पर भी नजर

केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों पर दिए बयान के बाद यूपी की राजनीति तेज हो गई है। कैबिनेट में मदरसा शिक्षा से जुड़े संशोधन प्रस्ताव और विधानसभा में बहस की संभावना बढ़ी।

मदरसों पर डिप्टी सीएम के बयान से यूपी की राजनीति गरमाई कैबिनेट में शिक्षा संशोधन प्रस्ताव पर भी नजर
केशव मौर्य के बयान पर सियासी घमासान |

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। उनके बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर सियासी बहस तेज हो गई है।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, पाकिस्तान का हो या भारत का, मदरसे अघोषित रूप से आतंकवाद पैदा करते हैं।" उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है और विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो गया है।

इसी बीच प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा से जुड़े संशोधन प्रस्ताव पर भी आगे बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को होने वाली उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मदरसों में डिग्री स्तर की पढ़ाई बंद करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त तक जारी रहेगा। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और नीतिगत प्रस्ताव सदन में पेश कर सकती है। माना जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री के बयान और मदरसा शिक्षा से जुड़े संभावित फैसलों को लेकर विधानसभा और विधान परिषद में जोरदार बहस देखने को मिल सकती है।

वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने सरकार के अनुपूरक बजट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार बजट पेश कर रही है, लेकिन यह भी बताया जाना चाहिए कि अब तक आवंटित राशि का कितना उपयोग हुआ। उन्होंने कहा कि केवल नया बजट लाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि "दूध का दूध और पानी का पानी" करने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।

उधर, विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किए जाने से पहले मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। विचार-विमर्श के बाद इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।


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