एंटी-पेपर लीक बिल पर विपक्ष का विरोध |
लोकसभा में एंटी-पेपर लीक विधेयक पारित होने के एक दिन बाद गुरुवार को संसद परिसर में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। राज्यसभा में विधेयक पेश होने से पहले इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा।
विपक्ष का आरोप है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना चाहिए। प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए।
कांग्रेस सांसदों ने "ऑर्डर किसने दिया?" लिखे पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग किसके आदेश पर हुआ, इस बारे में सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए।
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद दान पात्र लेकर संसद पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया और सरकार पर "चंदा चोरी" के आरोपों को लेकर सवाल खड़े किए। इस दौरान सपा सांसदों ने नारेबाजी भी की और सरकार से जवाब की मांग की।
बुधवार को लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि छात्रों पर हुई कार्रवाई गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर हुई थी। इस आरोप का संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और सत्ता पक्ष के अन्य सांसदों ने कड़ा विरोध किया। सरकार ने राहुल गांधी से उनके आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे और कहा कि बिना तथ्यों के ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगाए जा सकते।
अब राज्यसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पेश होने से पहले विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि उच्च सदन में भी विपक्ष छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और उससे जुड़े आरोपों को लेकर सरकार से जवाब मांगते हुए इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगा।