Wednesday, July 22, 2026 03:44:16 AM

अशोक गहलोत का बीजेपी पर बड़ा हमला
बीजेपी पर बरसे अशोक गहलोत, बोले- देश में आर-पार की राजनीति का वक्त

अशोक गहलोत ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए राहुल गांधी को विपक्ष का चेहरा बनाने की वकालत की। उन्होंने इंडिया गठबंधन की एकजुटता और मजबूत नेतृत्व पर जोर दिया।

बीजेपी पर बरसे अशोक गहलोत बोले- देश में आर-पार की राजनीति का वक्त
अशोक गहलोत का बीजेपी पर बड़ा हमला |

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तीखा राजनीतिक हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर किए गए अपने पोस्ट और एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए भाषण के जरिए गहलोत ने देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए विपक्षी दलों को एकजुट होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब देश की राजनीति में स्पष्ट मुकाबले का समय आ गया है और यह लड़ाई सीधे ‘मोदी बनाम राहुल गांधी’ के रूप में लड़ी जानी चाहिए।

धर्म की राजनीति पर साधा निशाना

अपने संबोधन में गहलोत ने धर्म के आधार पर राजनीति किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि देश में हिंदुत्व के नाम पर लोगों को भड़काकर राजनीति की जा रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो ऐसी राजनीति करने वाली पार्टी पर कठोर कार्रवाई करतीं।

गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल हिंदुत्व के मुद्दे पर राजनीति कर रही है और समाज में विभाजन पैदा कर सत्ता हासिल करना चाहती है।

राहुल गांधी को नेतृत्व सौंपने की वकालत

गहलोत ने हाल ही में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी बात पूरी स्पष्टता और मजबूती से रखी। उन्होंने लोगों से राहुल गांधी का हालिया पॉडकास्ट सुनने की अपील करते हुए कहा कि उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा की है।

उन्होंने कहा कि देश के वर्तमान राजनीतिक माहौल में इंडिया गठबंधन को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। चूंकि कांग्रेस गठबंधन की सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी है, इसलिए उसे नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए। गहलोत ने यह भी कहा कि गठबंधन को बिना देरी किए राहुल गांधी को अपना औपचारिक नेता घोषित कर देना चाहिए ताकि राजनीतिक मुकाबला स्पष्ट हो सके।

कांग्रेस से अलग हुई पार्टियों की वापसी की मांग

गहलोत ने Sanjay Raut के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस से अलग हुई राजनीतिक पार्टियों से दोबारा कांग्रेस के साथ आने की अपील की थी। गहलोत का मानना है कि विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए ऐसे प्रयास जरूरी हैं।

बीजेपी की रणनीति पर इतिहास के जरिए हमला

भाजपा की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि अतीत में भी कांग्रेस के खिलाफ विभिन्न दलों को एकजुट कर राजनीतिक माहौल बनाया गया था। उन्होंने इंदिरा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी ‘कांग्रेस बनाम सभी दल’ जैसी स्थिति पैदा की गई थी।

राजीव गांधी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बोफोर्स मामले में लगाए गए आरोपों के कारण कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। गहलोत ने दावा किया कि बाद के वर्षों में इन आरोपों में कोई ठोस आधार साबित नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान बोफोर्स तोपों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और भारतीय सैनिकों ने उनका उपयोग करते हुए राजीव गांधी को याद किया था।

2G और कोयला घोटाले के आरोपों को बताया निराधार

पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh की सरकार के दौरान सामने आए 2G स्पेक्ट्रम और कोयला आवंटन मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और बाद में इनमें लगाए गए कई आरोप टिक नहीं पाए।

गहलोत ने सवाल उठाया कि उस समय भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग और संस्थाएं अब सक्रिय क्यों दिखाई नहीं देतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतों ने सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare के आंदोलन का इस्तेमाल कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल बनाया।

मीडिया और राफेल मुद्दे पर भी उठाए सवाल

गहलोत ने मीडिया की भूमिका पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि बोफोर्स मामले को व्यापक रूप से उठाया गया था, लेकिन राफेल विमान सौदे से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों पर उतनी चर्चा नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर कई लोग चुप्पी साधे हुए हैं।

एनडीए सहयोगियों को लेकर किया बड़ा दावा

अपने बयान के अंत में गहलोत ने कहा कि जैसे-जैसे जनता को राजनीतिक वास्तविकताओं का एहसास होगा, वैसे-वैसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल क्षेत्रीय दलों पर दबाव बढ़ेगा। उनका दावा है कि भविष्य में कई क्षेत्रीय दल भाजपा से दूरी बनाकर इंडिया गठबंधन के करीब आने का प्रयास कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला करना चाहिए और देश की राजनीति को स्पष्ट वैचारिक संघर्ष के रूप में जनता के सामने रखना चाहिए। गहलोत के अनुसार, यही समय है जब विपक्ष को एक साझा नेतृत्व और मजबूत रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।


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