कैबिनेट अमरावती विकास मेट्रो विस्तार मंजूर |
केंद्र सरकार ने देश में शहरी विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। केंद्रीय कैबिनेट की हालिया बैठक में ऐसे कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका प्रभाव लंबे समय तक दिखाई देगा। इनमें आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के विकास से जुड़ी परियोजनाएं, अहमदाबाद मेट्रो रेल विस्तार और देश के राजनीतिक इतिहास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल है।
निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस उपलब्धि को सम्मानित करने के लिए कैबिनेट बैठक में एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किया गया।
अमरावती विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी
आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती के विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने दो प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के तहत केंद्रीय सरकारी जनरल पूल कार्यालय आवास और जनरल पूल आवासीय परिसर का निर्माण किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से अमरावती में सरकारी कार्यालयों और आवासीय सुविधाओं के विकास को नई दिशा मिलेगी तथा प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।
अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के चरण-2ए को हरी झंडी
शहरी परिवहन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के चरण-2ए को भी मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना के तहत 6.032 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
इस नए कॉरिडोर में कुल पांच नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे शहर के विभिन्न इलाकों के बीच संपर्क बेहतर होगा और यात्रियों को अधिक सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच मजबूत होगी कनेक्टिविटी
मेट्रो परियोजना के इस विस्तार के पूरा होने के बाद अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और अधिक मजबूत हो जाएगा। चरण-2ए के संचालन में आने के बाद इस मार्ग पर कुल 77.63 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क आम लोगों की सेवा के लिए उपलब्ध होगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा और अधिक आसान और तेज हो सकेगी।
‘सात संकल्प’ के जरिए भविष्य की अर्थव्यवस्था पर जोर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से ‘सात संकल्प’ प्रस्तुत किए हैं।
इन संकल्पों में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, स्टार्टअप इंडिया को प्रोत्साहित करना, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना प्रमुख रूप से शामिल है। इसके साथ ही कौशल विकास को प्राथमिकता देने तथा खेल और फिटनेस को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों पर भी विशेष बल दिया गया है।
कुशल और नवोन्मेषी कार्यबल तैयार करने की पहल
सरकार का मानना है कि ‘सात संकल्प’ भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र और एमएसएमई सेक्टर के लिए एक कुशल, नवाचारी और स्वस्थ कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन पहलों के माध्यम से देश की आर्थिक क्षमता को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।