Saturday, October 10, 2026 11:16:53 PM

मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से किया मुक्त
मायावती का बड़ा फैसला, आकाश आनंद को BSP से किया पूरी तरह मुक्त

मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को BSP से पूरी तरह मुक्त कर दिया। इससे पहले उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लिया था।

मायावती का बड़ा फैसला आकाश आनंद को bsp से किया पूरी तरह मुक्त
मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से किया मुक्त |

बहुजन समाज पार्टी यानी BSP की अंदरूनी कलह अब एक बड़े मोड़ पर पहुंच गई है। बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। यूपी चुनाव से पहले मायावती के इस फैसले से पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज हो गई है।

दरअसल, एक दिन पहले ही मायावती ने आकाश आनंद के सामने एक शर्त रखी थी। उन्होंने कहा था कि अगर आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास ले लेते हैं, तो आकाश आनंद को पार्टी में पद और जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया।

लेकिन इसके अगले ही दिन मायावती ने आकाश आनंद को भी पार्टी से मुक्त करने का फैसला ले लिया।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का फैसला लिया, लेकिन इसमें उन्होंने काफी देर कर दी। मायावती के मुताबिक, अगर उन्होंने यह फैसला पहले ले लिया होता तो बहुजन मूवमेंट और आकाश आनंद के लिए लगातार विपरीत परिस्थितियां नहीं बनतीं और उन्हें चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ संगठन में सुधार के लिए कड़े फैसले लेने की जरूरत नहीं पड़ती।

मायावती ने यह भी कहा कि अगर अशोक सिद्धार्थ को अपने दामाद आकाश आनंद के उज्जवल भविष्य और बहुजन मूवमेंट के व्यापक हित की चिंता होती, तो वह पहले ही राजनीति से संन्यास ले लेते। उनके मुताबिक, समय पर संन्यास न लेने से ऐसा लगता है कि अशोक सिद्धार्थ की नीयत में खोट थी और उनकी राजनीतिक अभिलाषाएं अभी भी बरकरार थीं।

आकाश आनंद को लेकर मायावती ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक करियर से ज्यादा अपने ससुर की चिंता थी। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद ने BSP के X पोस्ट को भी रिपोस्ट करना उचित नहीं समझा, जबकि उनके मुताबिक वह पोस्ट आकाश आनंद की ही भलाई के लिए था।

मायावती का कहना है कि इससे ऐसा लगता है कि अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद को पार्टी और बहुजन मूवमेंट की सफलता से ज्यादा निजी या पारिवारिक हितों की चिंता है।

मायावती ने दोनों को यह भी याद दिलाया कि BSP ने उन्हें और कई अन्य लोगों को जमीन से उठाकर बड़ी राजनीतिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बसपा और उसके नेतृत्व के वे जितने भी एहसान मानें, कम हैं।

मायावती ने आगे कहा कि जब आकाश आनंद को पार्टी और मूवमेंट से ज्यादा रिश्ते-नातों का मोह है, तो वह पार्टी का भला कैसे सोच पाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि आकाश आनंद को पहले ही राष्ट्रीय संयोजक जैसे महत्वपूर्ण पद से मुक्त किया गया था और अब उन्हें पार्टी से भी पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।

मायावती ने साफ कहा कि अगर आकाश आनंद पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं, तो वे स्वतंत्र हैं और उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त किया जाता है।


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