जेवर एयरपोर्ट के पास बड़े विकास प्रोजेक्ट मंजूर |
जेवर एयरपोर्ट के आसपास यमुना क्षेत्र के विकास को अब और रफ्तार मिलने वाली है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA की 12वीं बोर्ड बैठक में उद्योग, मेडिकल, शिक्षा, खेल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
बैठक अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें 300 एकड़ में ताइवान सिटी, करीब 500 एकड़ में मेडिकल हब, फार्मास्यूटिकल क्लस्टर, मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग सेंटर, यूनिवर्सिटी पार्क, इंटरनेशनल स्टेडियम और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने जैसे प्रस्तावों पर फैसला लिया गया।
300 एकड़ में बनेगी ताइवान सिटी
जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर-6 में करीब 300 एकड़ जमीन पर ताइवान सिटी विकसित करने की तैयारी है। यहां ताइवान की कंपनियों को जमीन दी जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, IT और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को इस क्षेत्र में लाने की योजना है। इससे निवेश के साथ रोजगार के नए मौके बनने की उम्मीद है।
500 एकड़ में मेडिकल हब
सेक्टर-13 और 14 में करीब 500 एकड़ में मेडिकल हब विकसित किया जाएगा। यहां अस्पताल, क्लीनिक, रिसर्च सेंटर, डिजिटल हेल्थ, बायोटेक और फार्मा से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
फार्मा क्लस्टर और मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग
सेक्टर-6 में करीब 100 से 125 एकड़ जमीन पर फार्मास्यूटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाने की योजना है। यहां टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, सिरप, क्रीम और दूसरी दवाओं से जुड़ी इकाइयां लगाई जा सकेंगी।
इसके अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग फैसिलिटी बनाने को भी मंजूरी मिली है।
50 एकड़ में इंटरनेशनल स्टेडियम
यमुना क्षेत्र में खेल सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा। सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ में इंटरनेशनल स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वहीं सेक्टर-14 में करीब 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी पार्क और सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ में मंडी विकसित करने की योजना है।
100 नहीं, अब चलेंगी 500 इलेक्ट्रिक बसें
यमुना क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 500 करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे जेवर एयरपोर्ट, औद्योगिक इलाकों और नई परियोजनाओं के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे के चेनज 161.51 पर सर्विस रोड के लिए करवन नदी पर कलवर्ट माइनर ब्रिज बनाने को भी मंजूरी दी गई है।
यानी आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट के आसपास उद्योग, मेडिकल, एजुकेशन, स्पोर्ट्स और ट्रांसपोर्ट—हर क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।