सुपरनोवा गंदे पानी कीड़े |
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरटेक सुपरनोवा की नोवा ईस्ट और वेस्ट ब्लॉक में रहने वाले सैकड़ों परिवार इन दिनों पानी की समस्या से परेशान हैं। परिवारों का कहना है कि उनके घरों के नलों से गंदा, बदबूदार और कीड़ों वाला पानी निकल रहा है। जिस घर को लोगों ने अपना ‘ड्रीम होम’ समझकर करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदा था, अब वही पानी उनके लिए चिंता का कारण बन गया है।
42 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गीता मिश्रा अपने पति और 10 साल के बेटे के साथ पूरी जिंदगी दिल्ली में रहीं। करीब दो साल पहले उन्होंने नोएडा के सुपरटेक सुपरनोवा में 3 बीएचके फ्लैट खरीदा और यहां रहने लगीं। लेकिन करीब दो सप्ताह पहले किचन का नल खोलने पर पीले-काले रंग का बदबूदार पानी निकला। पानी में कीड़े भी दिखाई दिए। इसके बाद बाथरूम के नलों और फ्लश में भी इसी तरह के कीड़े नजर आए। डॉ. गीता के मुताबिक, नल से कीड़े निकलते देखना बेहद परेशान करने वाला था।
पानी साफ करने के लिए लगाया 1 लाख का फिल्टर
डॉ. गीता का दावा है कि पानी साफ करने के लिए उन्होंने करीब 1 लाख रुपये का फिल्टर लगाया हुआ है। इसके बावजूद हर दो से ढाई महीने में फिल्टर बदलना पड़ता है। उनका कहना है कि जब फिल्टर निकाला जाता है तो वह पूरी तरह काला हो चुका होता है।
परेशानी सिर्फ पीने के पानी तक सीमित नहीं है। डॉ. गीता के मुताबिक, उनके 10 साल के बेटे की त्वचा पहले से संवेदनशील है। यहां के पानी के इस्तेमाल के बाद उसके हाथ-पैरों की त्वचा और ज्यादा सूख गई है और चेहरे पर भी दाने निकल आए हैं। परिवार में बार-बार गले में संक्रमण और बाल झड़ने जैसी परेशानियां भी होने का दावा किया गया है।
डॉ. गीता का कहना है कि 20 लीटर का पानी खरीदकर पीना संभव है, लेकिन सवाल यह है कि क्या उसी पानी से नहाया भी जा सकता है?
350 से ज्यादा परिवार प्रभावित
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सुपरनोवा में 350 से ज्यादा परिवार रहते हैं। सुपरनोवा अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (SNAOA) के सलाहकार नरेश नंदवानी के अनुसार, सोसाइटी में पानी की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
उनका दावा है कि पहले सोसाइटी में गंगा के पानी की सप्लाई होती थी, लेकिन दो साल से ज्यादा समय पहले यह बंद हो गई। बताया गया है कि प्रोजेक्ट के बिल्डर पर पानी का करीब 42 लाख रुपये बकाया था, जो जुर्माने समेत अब कथित तौर पर 72 लाख रुपये से ज्यादा हो चुका है। इसके बाद सोसाइटी को बोरवेल के पानी पर निर्भर होना पड़ा।
नरेश नंदवानी का कहना है कि सोसाइटी का मौजूदा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बोरवेल के पानी को साफ करने की क्षमता नहीं रखता।
बाल्टियों में काला पानी, नलों से निकल रहे कीड़े
एसोसिएशन के महासचिव मुदित कपूर के मुताबिक, सोसाइटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में लगातार ऐसे वीडियो शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें बाल्टियों में काला पानी और पानी में कीड़े दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और अन्य निवासियों के लिए स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही है।
एसोसिएशन ने हाल ही में इस मामले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय समिति के सामने भी उठाया है। यह समिति सुपरटेक Realtors Pvt Ltd की कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) की निगरानी कर रही है।
एसोसिएशन अब गंगाजल की सप्लाई दोबारा शुरू कराने समेत पानी की समस्या के स्थायी समाधान की कोशिश कर रहा है। वहीं, डॉ. गीता के लिए यह मामला सिर्फ पानी की समस्या नहीं, बल्कि उस भरोसे का भी है जिसके साथ उन्होंने अपना घर खरीदा था। उनका कहना है कि अगर उन्हें पहले पता होता कि यहां पानी की ऐसी समस्या है, तो घर खरीदने से पहले वह कई बार सोचतीं।