Saturday, September 05, 2026 02:11:08 AM

नोएडा में फर्जी दरोगा बनकर घूमता युवक गिरफ्तार
दरोगा बनने का सपना टूटा तो पहन ली दिल्ली पुलिस की वर्दी, दुकानदारों पर जमाता था रौब

नोएडा में दिल्ली पुलिस की फर्जी वर्दी पहनकर दुकानदारों पर रौब जमाने वाला युवक गिरफ्तार हुआ। लाल जूतों से पुलिस को शक हुआ और पूछताछ में पूरा मामला खुल गया।

दरोगा बनने का सपना टूटा तो पहन ली दिल्ली पुलिस की वर्दी दुकानदारों पर जमाता था रौब
नोएडा में फर्जी दरोगा बनकर घूमता युवक गिरफ्तार |

नोएडा में एक युवक को दिल्ली पुलिस का फर्जी दरोगा बनकर घूमना भारी पड़ गया। दिल्ली पुलिस में उपनिरीक्षक की नौकरी नहीं मिली तो आरोपी ने वर्दी पहनकर सड़क किनारे दुकानदारों पर रौब जमाना शुरू कर दिया। नोएडा पुलिस ने उसे सेक्टर-117 से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान मथुरा के कांतापुरी निवासी राहुल सिंह के रूप में हुई है। वह अपने छोटे भाई के साथ सेक्टर-117 में रहता था और बीएससी की पढ़ाई कर चुका है। उसने दिल्ली पुलिस में भर्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसका चयन नहीं हो पाया।

आरोप है कि इसके बाद उसने करीब 15 दिन पहले दिल्ली से दिल्ली पुलिस की वर्दी बनवाई। वर्दी पर दो-दो सफेद स्टार और नेम प्लेट लगाई, लाल बेल्ट बांधी और खुद को दिल्ली पुलिस का दरोगा बताकर इलाके में घूमने लगा।

राहुल अपनी गाड़ी के डैशबोर्ड पर दिल्ली पुलिस की कैप रखता था। गाड़ी पर ‘भारत सरकार’ भी लिखवा रखा था। पुलिस के अनुसार, वह दुकानदारों पर पुलिस का रौब जमाकर खाना खाता था और कई दुकानों से सामान भी मुफ्त में लेता था।

लाल जूते देखकर पुलिस को हुआ शक

आरोपी की पोल तब खुली, जब पुलिस की नजर उसकी वर्दी और जूतों पर पड़ी। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के उपनिरीक्षक लाल रंग के जूते नहीं पहनते, जबकि राहुल वर्दी के साथ लाल जूते पहने था। इसी बात पर पुलिस को शक हुआ और उसे रोककर पूछताछ की गई।

पूछताछ में उसके फर्जी दरोगा बनने की बात सामने आई। पुलिस ने उसकी वर्दी उतरवाई और फिर उसे टी-शर्ट और लोअर पहनाए।

पुलिस ने आरोपी के पास से दिल्ली पुलिस की वर्दी, डीपी बैच, चार सफेद स्टार, नेम प्लेट, लाल बेल्ट, खाकी मोजे, डीपी लिखी कैप, सात आई कार्ड, स्मार्ट कार्ड, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, पेन ड्राइव, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल और आई-20 कार बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी गाड़ी के जरूरी कागजात भी नहीं दिखा सका, जिसके बाद गाड़ी को सीज कर दिया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कानूनी कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।


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