Thursday, October 08, 2026 06:22:43 PM

नोएडा जर्जर मकानों का सर्वे
दिल्ली हादसे के बाद नोएडा में जर्जर मकानों का सर्वे, खतरनाक भवनों पर चस्पा हो रहे नोटिस

दिल्ली हादसे के बाद नोएडा में जर्जर और असुरक्षित मकानों का सर्वे शुरू, खतरनाक भवनों पर नोटिस चस्पा कर खाली कराने के निर्देश।

दिल्ली हादसे के बाद नोएडा में जर्जर मकानों का सर्वे खतरनाक भवनों पर चस्पा हो रहे नोटिस
नोएडा जर्जर मकानों का सर्वे |

दिल्ली में इमारत गिरने के हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण ने गांवों में जर्जर और असुरक्षित मकानों और भवनों का सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के दौरान जिन भवनों की हालत खतरनाक पाई जा रही है, उन पर नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं।

प्राधिकरण की ओर से भवन मालिकों और वहां रहने वाले लोगों को मकान खाली करने के लिए एक से दो सप्ताह का समय दिया जा रहा है। नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर भवन में रहने के दौरान कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। प्राधिकरण इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा।

नोएडा प्राधिकरण ने इससे पहले वर्ष 2019 में भी जर्जर भवनों का सर्वे कराया था। उस समय करीब 1757 इमारतों को असुरक्षित पाया गया था। हालांकि, इन भवनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस बार प्राधिकरण ने नोटिस जारी करने के साथ ही भवनों को खाली कराने पर भी जोर दिया है।

128 ईडब्ल्यूएस फ्लैट को भी नोटिस

गांवों के अलावा सेक्टर-31 में 128 ईडब्ल्यूएस फ्लैट को भी जर्जर स्थिति को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं।

नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने बताया कि जिन भवनों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं, उन्हें खाली कराया जाएगा। नोटिस की एक प्रति पुलिस विभाग को भी भेजी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर भवन खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जा सके।

81 गांवों में जर्जर भवनों की पहचान

नोएडा प्राधिकरण को 10 वर्क सर्किल में बांटा गया है। इन वर्क सर्किल में कुल 81 गांव शामिल हैं। सभी सर्किल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में जर्जर और असुरक्षित भवनों की पहचान करने और कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है।

सदरपुर, निठारी, मामूरा, सलारपुर और भंगेल जैसे घनी आबादी वाले गांवों में सर्वे का काम चल रहा है। मामूरा गांव में अब तक 9 भवनों पर जर्जर होने का नोटिस चस्पा किया जा चुका है।

इन भवनों में अभी भी लोग रह रहे हैं। नोटिस में उन्हें तत्काल भवन खाली करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना और जनहानि को रोका जा सके।

2019 के सर्वे में 1757 इमारतें मिली थीं जर्जर

वर्ष 2019 में हुए सर्वे के अनुसार:

  • कुल जर्जर इमारतें: 1757
  • जर्जर और असुरक्षित इमारतें: 56
  • तीन मंजिल से अधिक की इमारतें: 1326
  • अधिसूचित और अर्जित क्षेत्र में बहुमंजिला इमारतें: 114
  • ध्वस्तीकरण के आदेश के बावजूद खड़ी इमारतें: 114

चार साल में 25 से ज्यादा लोगों की मौत

जिले में पिछले चार वर्षों में सात से अधिक बड़े हादसों में 25 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इन सभी मामलों में जिला प्रशासन, नोएडा प्राधिकरण और स्थानीय पुलिस ने जांच की, लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी।

इसके चलते समय-समय पर होने वाले हादसों में लोगों की जान जा रही है। हालांकि, पिछले तीन वर्षों में नोएडा में इमारत गिरने से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया। इस दौरान आग बुझाते समय दीवार गिरने से दो फायरकर्मियों की मौत हुई, जबकि एक व्यक्ति की इमारत से प्लास्टर गिरने से जान चली गई।


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