नोएडा कारोबारियों की परेशानी |
नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और प्लाजा में कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों की परेशानियां लगातार चर्चा में हैं। दुकानदारों का कहना है कि दुकान खोलने में लाखों रुपये का निवेश करने के बाद हर महीने किराया और मेंटेनेंस चार्ज देना पड़ता है, लेकिन इसके बदले जरूरी सुविधाएं कई जगह पर्याप्त नहीं मिलतीं।
कारोबारियों के मुताबिक, परेशानी सिर्फ किराए तक सीमित नहीं है। कई जगह भारी-भरकम मेंटेनेंस शुल्क के बावजूद साफ-सफाई, रखरखाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आती हैं। कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य और अतिरिक्त शुल्क भी दुकानदारों के लिए परेशानी का कारण बताए जा रहे हैं।
दुकानदारों का कहना है कि लगातार बढ़ते खर्च और अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलने की वजह से कुछ छोटे कारोबारी शुरुआती महीनों में ही अपना कारोबार बंद करने को मजबूर हो जाते हैं।
वहीं, आगजनी जैसी घटनाओं के बाद कमर्शियल इलाकों में सुरक्षा और फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि इन परिसरों में कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
मामले को लेकर जब पत्रकार ने पुलिस से भी सवाल पूछकर जवाब जानने की कोशिश की, तो आरोप है कि पुलिसकर्मी सवालों का जवाब दिए बिना आगे बढ़ गए। इससे यह सवाल भी खड़ा होता है कि स्थानीय समस्याओं पर संबंधित विभागों की जवाबदेही कैसे तय होगी।
अब सवाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से है कि छोटे कारोबारियों की शिकायतों को सुनने और उनका समाधान करने के लिए क्या व्यवस्था है? सिर्फ दुकानें और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां कारोबार करने वालों को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना भी जरूरी है।