नोएडा प्राधिकरण ठेका जांच |
जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद नोएडा प्राधिकरण से जुड़े मामले में जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नोएडा प्राधिकरण के चार कर्मचारी पिछले कई दिनों से जांच एजेंसियों की निगरानी में थे। उनके कामकाज, संबंधित फाइलों और दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें पूछताछ के लिए ले जाया गया।
जांच एजेंसियां अब कर्मचारियों से मिले दस्तावेजों का नोएडा प्राधिकरण के रिकॉर्ड से मिलान कर रही हैं। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि ठेका प्रक्रिया में कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं और कथित अनियमितताओं से किसे फायदा पहुंचा।
बड़े अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, मामला नोएडा प्राधिकरण के एक बड़े अधिकारी के साथ कथित मिलीभगत से ठेकेदार को फायदा पहुंचाने से जुड़ा बताया जा रहा है। एजेंसियां ठेका प्रक्रिया, संबंधित फाइलों पर लिए गए फैसलों, भुगतान और अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण से जुड़े कुछ अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। आने वाले दिनों में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
भंगेल और सलारपुर की अवैध इमारतों से भी जुड़ी जांच
जांच एजेंसियों की पड़ताल अब भंगेल और सलारपुर में बनी अवैध इमारतों से जुड़े कथित पैसों के लेनदेन तक भी पहुंच गई है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित अवैध निर्माण के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई और इससे जुड़े लोगों के बीच पैसों का लेनदेन किस स्तर पर हुआ।
जांच में ठेकों से जुड़ी कथित अनियमितताओं और इन मामलों के बीच किसी संभावित कड़ी की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि ठेकों में कथित गड़बड़ी से किसे फायदा पहुंचा और इसमें नोएडा प्राधिकरण से जुड़े लोगों की क्या भूमिका रही।
हालांकि, चार कर्मचारियों को पूछताछ के लिए ले जाने और पूरे मामले को लेकर जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल जांच और पूछताछ जारी है।