Saturday, July 18, 2026 01:48:53 AM

पूर्व सीए पर इंडस्ट्रियल प्लॉट हड़पने का केस
ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्रियल प्लॉट हड़पने का आरोप, पूर्व सीए समेत पांच लोगों पर केस दर्ज

ग्रेटर नोएडा में फर्जी दस्तावेजों के जरिए इंडस्ट्रियल प्लॉट हड़पने के आरोप में पूर्व सीए समेत पांच लोगों पर जेवर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया।

ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्रियल प्लॉट हड़पने का आरोप पूर्व सीए समेत पांच लोगों पर केस दर्ज
पूर्व सीए पर इंडस्ट्रियल प्लॉट हड़पने का केस |

ग्रेटर नोएडा में फर्जी दस्तावेज और कथित जाली हस्ताक्षरों के जरिए इंडस्ट्रियल प्लॉट हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरएस ट्रेडर्स की पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) ने अपने पति और अन्य लोगों के साथ मिलकर इस पूरे कथित फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। जिला न्यायालय के आदेश पर जेवर कोतवाली पुलिस ने महिला सीए समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की इंडस्ट्रियल प्लॉट योजना के तहत जेवर के दयानतपुर गांव निवासी गौरव सिंह की फर्म आरएस ट्रेडर्स को ईकोटेक-11 में एक औद्योगिक प्लॉट आवंटित किया गया था। फर्म ने प्लॉट के लिए निर्धारित पूरी राशि भी प्राधिकरण में जमा करा दी थी। प्राधिकरण की ओर से जल्द लीज डीड कराने का आश्वासन दिया गया था और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से मिलने की बात कही गई थी।

गौरव सिंह प्राधिकरण के पत्र का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान 15 जून 2026 को उन्हें प्राधिकरण से एक नोटिस मिला, जिसमें 15 दिनों के भीतर प्लॉट पर फर्म की गतिविधियों की जानकारी देने को कहा गया। नोटिस में यह भी उल्लेख था कि 5 जनवरी 2024 को फर्म के नाम लीज डीड निष्पादित नहीं कराई गई थी।

इस नोटिस के बाद जब गौरव सिंह प्राधिकरण पहुंचे तो उन्हें पता चला कि आरएस ट्रेडर्स का कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर विलय दिखाकर हिमराव स्टील प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में लीज डीड निष्पादित कर दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गौरव सिंह की पत्नी अन्नू का हिमराव स्टील प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पद से इस्तीफा दिखाया गया और उनकी जगह करन कोहली और साहिल कोहली को निदेशक बना दिया गया। इसके बाद आरएस ट्रेडर्स को आवंटित प्लॉट का स्वामित्व करन कोहली और साहिल कोहली के नाम दर्ज हो गया।

आरोप है कि प्राधिकरण के रिकॉर्ड में भेजे गए पत्र में मोबाइल नंबर भी किसी अन्य व्यक्ति का दर्ज किया गया और हस्ताक्षर भी फर्जी किए गए। शिकायत के अनुसार, वह मोबाइल नंबर गौरव सिंह की पूर्व सीए मोनिका चौधरी का था। चूंकि मोनिका चौधरी को फर्म की चल-अचल संपत्ति से जुड़ी जानकारी थी, इसलिए उन पर इस साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में कहा गया है कि मोनिका चौधरी, उनके पति रोबिन सिंह, अमित पवार, करन कोहली और साहिल कोहली ने मिलकर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और प्लॉट अपने नाम करा लिया।

जिला न्यायालय के आदेश के बाद जेवर कोतवाली पुलिस ने मोनिका चौधरी, रोबिन सिंह, अमित पवार, करन कोहली और साहिल कोहली के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


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