Saturday, September 05, 2026 04:46:03 PM

नोएडा जिला अस्पताल भर्ती में गड़बड़ी
नोएडा जिला अस्पताल में 17 भर्तियों पर सवाल, 21 लाख रुपये के भुगतान की जांच

सेक्टर-39 जिला अस्पताल में 15 स्टाफ नर्स और 2 लैब टेक्नीशियन की नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी का आरोप है। NHM के निर्देश पर सभी 17 कर्मचारियों का वेतन रोककर जांच शुरू की गई है।

नोएडा जिला अस्पताल में 17 भर्तियों पर सवाल 21 लाख रुपये के भुगतान की जांच
नोएडा जिला अस्पताल भर्ती में गड़बड़ी |

नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला संयुक्त अस्पताल में 17 स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्तियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि शासन के निर्देशों के बावजूद 15 स्टाफ नर्स और 2 लैब टेक्नीशियन की भर्ती स्थानीय स्तर पर कर दी गई। मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी NHM ने भर्ती प्रक्रिया पर सख्त रुख अपनाया है।

बताया जा रहा है कि अगस्त 2023 में शासन के आदेशों की अनदेखी करते हुए तत्कालीन अधिकारियों ने इन नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की थी। NHM को भर्ती में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग से कर्मचारियों की ज्वाइनिंग डेट और दूसरे जरूरी दस्तावेज मांगे गए। रिकॉर्ड की जांच के बाद सभी 17 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।

15 नर्स और 2 लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति

जानकारी के मुताबिक, कुल 15 स्टाफ नर्स और 2 लैब टेक्नीशियन नियुक्त किए गए। इनमें 6 नर्स और 2 लैब टेक्नीशियन अगस्त 2023 में, जबकि बाकी 9 नर्सों को वर्ष 2025 के अलग-अलग महीनों में ज्वाइन कराया गया।

अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2023 की शुरुआत में शासन ने भर्ती व्यवस्था में बदलाव करते हुए निर्देश दिया था कि जिला अस्पतालों में स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन की नियुक्तियां लखनऊ मुख्यालय के माध्यम से की जाएंगी। इसके बावजूद नोएडा में स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां किए जाने का आरोप है।

सूत्रों के मुताबिक, ये नियुक्तियां अलीगढ़ की एक आउटसोर्स एजेंसी के जरिए जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा कराई गई थीं।

वेतन भुगतान पर भी उठे सवाल

मामले में वित्तीय अनियमितता की भी जांच हो रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 8 स्वास्थ्यकर्मियों को करीब 58 लाख रुपये वेतन दिया गया, जबकि 9 अन्य कर्मचारियों के खातों में करीब 21 लाख रुपये जमा किए गए।

कुछ रिपोर्टों में करीब 58 लाख रुपये के वेतन भुगतान का रिकॉर्ड सामने आने और करीब 21 लाख रुपये के वास्तविक ट्रांसफर की जानकारी दी गई है। उच्च अधिकारियों को मामला सामने आने के बाद भुगतान रोक दिया गया।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि भर्ती में निर्धारित विज्ञापन, चयन समिति और मेरिट प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं। भर्ती से जुड़े डॉक्टर, लिपिक और प्रशासनिक अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं।

लखनऊ तक पहुंचा मामला

भर्ती में अनियमितताओं की जानकारी लखनऊ तक पहुंचने के बाद वहां से सीएमओ को निर्देश दिए गए। संदिग्ध कर्मचारियों का वेतन रोकने के साथ भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की गई है।

जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि बजट किस अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर यानी DSC से स्वीकृत हुआ और पूरी प्रक्रिया में किन अधिकारियों की भूमिका रही।

CMO ने क्या कहा?

गौतमबुद्ध नगर के CMO डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने कहा कि 17 स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्तियां नियमों के अनुरूप नहीं की गईं। उनके मुताबिक, वर्ष 2023 में NHM की भर्ती व्यवस्था में बदलाव किया गया था और स्टाफ नर्स व लैब टेक्नीशियन की नियुक्तियां लखनऊ से होनी थीं, लेकिन इन्हें स्थानीय स्तर पर नियुक्त कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि लखनऊ के अधिकारियों के निर्देश पर सभी 17 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।

वहीं जिला अस्पताल के CMS डॉ. अशोक कुमार झा ने कहा कि वेतन रोकने के संबंध में सीएमओ कार्यालय से पत्र मिला है और भर्ती प्रक्रिया के नियमों की समीक्षा की जा रही है।

जांच के बाद हो सकती है कार्रवाई

अगर जांच में नियुक्तियां अवैध साबित होती हैं, तो खातों में भेजी गई 21 लाख रुपये की राशि की वसूली की जा सकती है। सभी 17 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की संभावना भी जताई जा रही है।

इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन और FIR जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।

फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना निर्धारित प्रक्रिया के इन नियुक्तियों को किसने मंजूरी दी और भर्ती से लेकर वेतन भुगतान तक आखिर किस-किस की भूमिका रही?


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