4 प्रतिशत आबादी भूखंड किसानों का अल्टीमेटम |
ग्रेटर नोएडा में 4 प्रतिशत आबादी भूखंड से वंचित किसानों ने अपनी मांगों के समाधान के लिए प्राधिकरण को 6 जुलाई 2026 तक का समय दिया है। किसानों ने साफ कहा है कि यदि तय समय सीमा तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो वे लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और अपनी समस्या उनके सामने रखेंगे।
किसानों के अनुसार, 29 जून 2026 को चौधरी प्रकाश प्रधान और एडवोकेट विनोद कुमार वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने लखनऊ पैदल कूच की तैयारी की थी। किसान नेताओं का आरोप है कि प्राधिकरण लंबे समय से केवल आश्वासन देता रहा है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया।
किसानों ने बताया कि प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी 15 जून को मुख्य कार्यपालक अधिकारी और जिलाधिकारी को तथा 16 जून को पुलिस आयुक्त को दे दी गई थी। इसके बावजूद समय रहते किसानों के साथ कोई सार्थक बातचीत नहीं हुई।
बाद में थाना प्रभारी कासना धर्मेंद्र शुक्ला, थाना प्रभारी बीटा-2 विनोद कुमार और प्राधिकरण अधिकारियों के अनुरोध पर किसानों ने फिलहाल लखनऊ कूच स्थगित कर वार्ता के लिए सहमति दी।
पुलिस प्रशासन और प्राधिकरण अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में किसानों ने 4 प्रतिशत आबादी भूखंड से जुड़े सभी मुद्दे उठाए, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बैठक के दौरान प्राधिकरण अधिकारियों ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एन.जी. से बातचीत कर चार दिनों के भीतर समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद किसानों ने सर्वसम्मति से प्राधिकरण को 6 जुलाई 2026 तक का समय दिया। किसान नेता चौधरी प्रकाश प्रधान ने कहा कि यदि निर्धारित तिथि तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो एडवोकेट विनोद कुमार वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों किसान लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे और अपनी मांगों से उन्हें अवगत कराएंगे।
बैठक में प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव, ओएसडी गिरीश झा, ओएसडी अजय शर्मा, डीजेएम समेत पुलिस प्रशासन और प्राधिकरण के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।