ग्रेटर नोएडा उल्लू रेस्क्यू |
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ला रेजिडेंशिया सोसाइटी में पिछले कई दिनों से लोगों के बीच डर का कारण बने उल्लुओं को आखिरकार वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया। सोमवार को चलाए गए अभियान में सात उल्लुओं के पूरे परिवार को सुरक्षित पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि इन उल्लुओं के हमलों में सोसाइटी के कई लोग घायल हो चुके थे।
निवासियों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह से सोसाइटी में लोगों के बीच डर का माहौल था। कई लोग रात में बाहर निकलने से भी बच रहे थे। बताया गया कि उल्लू रात के समय या सुबह तड़के अचानक सक्रिय हो जाते थे। पार्किंग, लॉबी और कॉमन एरिया से गुजरने वाले लोगों पर वे पेड़ों या स्ट्रीट लाइट के खंभों से अचानक झपट्टा मारते थे। उनके नुकीले पंजों और चोंच से कई लोगों के सिर पर चोट लगी और खून तक बहने लगा।
पीछे से हमला कर सिर पर किए वार
सोसाइटी निवासी बिनोय त्रिपाठी के मुताबिक, बीते बुधवार रात करीब 11 बजे कार पार्क करने के बाद वापस लौटते समय एक उल्लू ने पीछे से उनके सिर पर दो बार हमला किया। इस हमले में उनके सिर से खून निकलने लगा। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां टांके लगाने के साथ इंजेक्शन भी दिया गया।
बिनोय त्रिपाठी के अनुसार, बीते तीन-चार दिनों में करीब छह से सात लोग उल्लुओं के हमले में गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। लगातार हो रहे हमलों से सोसाइटी में डर इतना बढ़ गया था कि शाम होते ही लोग घरों में रहने लगे थे। बेहद जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर निकलते थे। कई निवासी सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनकर या सिर पर मोटा कपड़ा बांधकर आवाजाही कर रहे थे।
वन विभाग ने जाल बिछाकर किया रेस्क्यू
बढ़ते डर को देखते हुए सोसाइटी के लोगों ने वन्यजीव विभाग से मदद मांगी। अधिकारियों को शुरुआत में उल्लुओं को पकड़ने में परेशानी हुई, क्योंकि वे आसानी से दिखाई नहीं दे रहे थे। अधिकारियों को यह भी आशंका थी कि अगर एक उल्लू को पकड़कर बाकी को छोड़ दिया गया तो वे और ज्यादा आक्रामक हो सकते हैं।
इसी वजह से सोमवार को वन विभाग की टीम ने पक्षी विशेषज्ञों के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई और जाल बिछाया। अभियान के दौरान सोसाइटी में छिपे उल्लुओं के पूरे परिवार को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
रेस्क्यू किए गए सात उल्लुओं में दो वयस्क उल्लू और उनके पांच बच्चे शामिल हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी सात उल्लुओं को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ा गया है। अब इन्हें इंसानी आबादी से दूर ग्रेटर नोएडा की सूरजपुर बर्ड सेंचुरी के प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने की तैयारी की जा रही है।
उल्लुओं के रेस्क्यू के बाद ला रेजिडेंशिया सोसाइटी के लोगों ने राहत की सांस ली है।