नोएडा जिला अस्पताल डॉक्टर विभागीय जांच |
नोएडा जिला अस्पताल में मरीज के इलाज में लापरवाही के आरोपों को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बड़ा कदम उठाया है। अगस्त 2024 में सामने आए मामले का संज्ञान लेते हुए उन्होंने चिकित्साधिकारी डॉ. असद महमूद और डॉ. अरविंद मलिक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। मरीज ने दोनों डॉक्टरों की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी की थी।
मामला अगस्त 2024 का है। नोएडा का एक व्यक्ति अपनी बीमारी का इलाज कराने जिला अस्पताल की ICU में पहुंचा था। आरोप है कि कई घंटे इंतजार करने के बावजूद डॉक्टरों ने उसकी बात नहीं सुनी और समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी हालत गंभीर हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। हालांकि, तत्कालीन अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर घर भेज दिया। बाद में मरीज ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में कर दी।
पुलिस ने भी दी थी रिपोर्ट
शिकायत के बाद अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेकर अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा था। आयोग की जांच के दौरान नोएडा पुलिस ने भी अपनी रिपोर्ट दी थी। अब इसी मामले में डिप्टी सीएम ने दोनों चिकित्साधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच की जिम्मेदारी मेरठ मंडल कमिश्नर को दी गई है।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. अशोक कुमार झा ने कहा कि उन्हें डिप्टी सीएम के आदेश की जानकारी मिली है, लेकिन आदेश की कॉपी अभी प्राप्त नहीं हुई है। शासन का पत्र मिलते ही समिति बनाकर जांच कराई जाएगी।
वहीं, डॉ. असद महमूद ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है और उच्च अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अरविंद मलिक ने कहा कि उन्हें विभागीय जांच के आदेश की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि वह समय से अस्पताल पहुंचकर मरीजों का इलाज करते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मेडिकल छुट्टी पर गए थे और संभव है कि उनका नाम गलती से लिया गया हो। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में अरविंद नाम के कई चिकित्सक हैं।