नोएडा में लोन ऐप साइबर ठगी गैंग का खुलासा |
नोएडा में साइबर क्राइम पुलिस ने प्राइवेट लोन ऐप के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने और मॉर्फ की गई अश्लील तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का खुलासा किया है।
पुलिस ने सेक्टर-141 से गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्राइवेट लोन ऐप से लोन लेने वाले लोगों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉल करते थे और बातचीत के जरिए अपने जाल में फंसाते थे।
आरोप है कि UPI और QR कोड के जरिए पीड़ितों के बैंक खातों से अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे। इसके अलावा पीड़ितों की तस्वीरों को एडिट कर उन्हें आपत्तिजनक रूप दिया जाता था और फिर तस्वीरें भेजकर पैसे की मांग की जाती थी।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक करीब 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है।
वीडियो कॉल के बाद शुरू होता था खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी प्राइवेट लोन ऐप से लोन लेने वालों का डेटा हासिल करते थे। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उनसे संपर्क किया जाता था।
पहले पीड़ितों का भरोसा जीतने की कोशिश की जाती थी और फिर UPI या QR कोड के जरिए पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे।
आरोपियों पर लोगों की तस्वीरों को मॉर्फ कर अश्लील बनाने और बाद में उन्हें भेजकर ब्लैकमेल करने का भी आरोप है। पुलिस के मुताबिक, इस तरह दबाव बनाकर पीड़ितों से पैसे वसूलने की कोशिश की जाती थी।
WhatsApp, Telegram और Binance से जुड़े डिजिटल सबूत
पुलिस को गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। जांच में WhatsApp, Telegram और Binance App से जुड़े डिजिटल प्रमाण सामने आए हैं।
पुलिस को USDT के जरिए पैसों के लेन-देन के सबूत भी मिले हैं। अब पुलिस बरामद मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है।
इन डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस गिरोह के दूसरे सदस्यों और उनके संपर्कों का पता लगाने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ठगी की रकम किन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों के जरिए आगे भेजी जाती थी।
चार राज्यों में शिकायतों से जुड़े तार
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह से जुड़ी पांच शिकायतें NCRP यानी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज हैं। ये शिकायतें उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़ी हैं।
जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क अलग-अलग राज्यों के लोगों तक पहुंच बना रहा था। अभी तक करीब 25 लाख रुपये की ठगी की जानकारी सामने आई है। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।
मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेज बरामद
साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, चार ATM/डेबिट कार्ड, दो पासबुक, दो ड्राइविंग लाइसेंस और 810 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस इन सामान और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी से सावधान रहें और अनजान लोगों के साथ अपनी निजी तस्वीरें, बैंकिंग जानकारी या OTP साझा न करें।