ला रेजीडेंसिया हाईकोर्ट विवाद |
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के ला रेजीडेंसिया हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैटों के कब्जे और रजिस्ट्री को लेकर चल रहे विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी किया है।
कोर्ट ने CEO से पूछा है कि इस प्रोजेक्ट में उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 के नियमों का पालन क्यों नहीं कराया गया। साथ ही हाईकोर्ट ने बिल्डर को भी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
ला रेजीडेंसिया के निवासी लेंजु थॉमस का आरोप है कि ला रेजीडेंसिया डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड जरूरी दस्तावेज पूरे किए बिना ही खरीदारों को फ्लैटों का कब्जा दे रही है। उनका कहना है कि अभी तक फ्लैटों की रजिस्ट्री और काम पूरा होने का प्रमाण पत्र भी नहीं दिया गया है।
इसके अलावा सोसाइटी में फायर सेफ्टी के लिए जरूरी फायर विभाग की मंजूरी और गंदे पानी को साफ करने वाले STP के सही तरीके से संचालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
यह मामला फ्लैट आवंटी माधवी त्यागी की ओर से दाखिल की गई रिट याचिका से जुड़ा है। उनकी ओर से अधिवक्ता अनूप कुमार ने कोर्ट में पक्ष रखा। न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
हाईकोर्ट ने बिल्डर को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के जरिए नोटिस देने का भी निर्देश दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।
अगली सुनवाई में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO को कोर्ट को बताना होगा कि प्रोजेक्ट में जरूरी नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन कराने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।