Saturday, October 10, 2026 10:49:40 PM

अक्षत त्रिपाठी 5 लाख मुचलका नोटिस पुलिस सफाई
अक्षत त्रिपाठी के 5 लाख के मुचलके के नोटिस पर पुलिस की सफाई, DM का कोई संबंध नहीं

GBU छात्र अक्षत त्रिपाठी के 5 लाख रुपये के मुचलके के नोटिस पर पुलिस कमिश्नरेट ने सफाई दी है। पुलिस ने कहा कि नोटिस कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने जारी किया था और DM का इससे कोई संबंध नहीं है।

अक्षत त्रिपाठी के 5 लाख के मुचलके के नोटिस पर पुलिस की सफाई dm का कोई संबंध नहीं
अक्षत त्रिपाठी 5 लाख मुचलका नोटिस पुलिस सफाई |

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने वाले गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के छात्र अक्षत त्रिपाठी को जारी किए गए पांच लाख रुपये के मुचलके के नोटिस को लेकर विवाद के बाद पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर ने स्थिति स्पष्ट की है।

दरअसल, सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने एक्स हैंडल के जरिए इस नोटिस को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पुलिस कमिश्नरेट ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह नोटिस कार्यपालक मजिस्ट्रेट तृतीय, पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर की ओर से जारी किया गया था। इस मामले से जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर का कोई संबंध नहीं है।

कमिश्नरेट व्यवस्था में मजिस्ट्रेट के अधिकार

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर ने बताया कि जिले में कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। इस व्यवस्था के तहत शांति व्यवस्था, गैंग्स्टर, संपत्ति अटैचमेंट और शांति भंग जैसी धाराओं में आरोपित को जेल भेजने या जमानत देने से जुड़े मजिस्ट्रेट के अधिकार पुलिस कमिश्नरेट को ट्रांसफर हो जाते हैं।

पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश विक्रम सिंह के अनुसार, कमिश्नरेट प्रणाली वाले जिलों में इन अधिकारों के कारण पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलती है और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलती है।

5 सितंबर को निरस्त हुआ नोटिस

जीबीयू के छात्र अक्षत त्रिपाठी के खिलाफ 4 सितंबर को पांच लाख रुपये के मुचलके का नोटिस जारी किया गया था। पुलिस के अनुसार, यह नोटिस त्रुटिपूर्ण था और इसे 5 सितंबर को ही निरस्त कर दिया गया था।

पुलिस ने यह भी बताया कि मामले में संबंधित विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

2020 में मिली थीं मजिस्ट्रेट की शक्तियां

जनवरी 2020 में उत्तर प्रदेश शासन की ओर से शासनादेश जारी किया गया था। इसके तहत दंड प्रक्रिया संहिता 1975 की धारा 20 के अधीन राज्यपाल ने पुलिस आयुक्त को कार्यपालक मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट और जिला मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान की थीं।

इसी अधिनियम की धारा 21 के तहत राज्यपाल ने गौतमबुद्ध नगर में तैनात संयुक्त पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस आयुक्त, उप पुलिस आयुक्त, अपर उप पुलिस आयुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त को भी कार्यपालक मजिस्ट्रेटी की शक्तियां प्रदान की थीं।

पुलिस कमिश्नरेट के इस स्पष्टीकरण के बाद साफ किया गया है कि अक्षत त्रिपाठी को जारी नोटिस में जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर की कोई भूमिका नहीं थी।


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