Saturday, October 10, 2026 10:47:02 PM

AI ‘डाटा ब्रिज’ से उत्पादन की रियल टाइम निगरानी
छोटी कंपनियों का उत्पादन नुकसान कम करेगा AI युक्त ‘डाटा ब्रिज’, रियल टाइम में मिलेगी जानकारी

AKTU से पढ़े नीतीश ने स्प्राइटऐरा के सहयोग से AI युक्त ‘डाटा ब्रिज’ बनाया है, जो छोटी कंपनियों को उत्पादन की रियल टाइम निगरानी और डाटा सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

छोटी कंपनियों का उत्पादन नुकसान कम करेगा ai युक्त ‘डाटा ब्रिज’ रियल टाइम में मिलेगी जानकारी
AI ‘डाटा ब्रिज’ से उत्पादन की रियल टाइम निगरानी |

ग्रेटर नोएडा। छोटी और स्टार्टअप कंपनियों को उत्पादन प्रक्रिया के दौरान होने वाले नुकसान से बचाने के लिए AI आधारित ‘डाटा ब्रिज’ सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इसे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) से पढ़ाई कर चुके नीतीश ने स्प्राइटऐरा कंपनी के सहयोग से तैयार किया है।

यह सॉफ्टवेयर उत्पादन के दौरान तापमान समेत अलग-अलग स्तर पर होने वाली गतिविधियों और बदलावों की जानकारी रियल टाइम में स्क्रीन पर उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही उत्पादन से जुड़ा पूरा डाटा डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने में भी मदद करेगा।

इस सॉफ्टवेयर को नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदर्शित किया गया है।

छोटी कंपनियों की समस्या का तकनीकी समाधान

कई छोटी कंपनियों में उत्पाद तैयार करते समय तापमान, मशीनों की स्थिति और दूसरे तकनीकी मानकों पर लगातार नजर रखना जरूरी होता है। इसके लिए बड़े स्तर पर इंक्यूबेटर और मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने पड़ते हैं, जिनकी लागत काफी अधिक होती है।

इसी वजह से छोटी कंपनियां अक्सर ऐसी तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर पातीं। उत्पादन के दौरान किसी मानक में बदलाव होने पर समय से जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे आर्थिक नुकसान होने की आशंका रहती है।

‘डाटा ब्रिज’ इसी समस्या का तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने का प्रयास है। इसमें AI की मदद से उत्पादन से जुड़े अलग-अलग मानकों का डाटा एक जगह इकट्ठा किया जा सकेगा।

बदलाव की रियल टाइम में मिलेगी जानकारी

उत्पादन के दौरान तापमान या किसी दूसरे पैरामीटर में तय स्तर से बदलाव होने पर उसकी जानकारी स्क्रीन पर रियल टाइम में दिखाई देगी। इससे कंपनियों के लिए उत्पादन प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी और समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।

महंगे उपकरणों पर निर्भरता होगी कम

नीतीश के मुताबिक, अभी कंपनियों को उत्पादन की निगरानी और डाटा सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग उपकरण और इंक्यूबेशन सिस्टम लगाने पड़ते हैं। अधिक लागत के कारण छोटे उद्योगों के लिए इन्हें लगाना मुश्किल होता है।

‘डाटा ब्रिज’ को इस तरह तैयार किया गया है कि सीमित संसाधन वाली कंपनियां भी उत्पादन से जुड़ी जरूरी जानकारी को डिजिटल तरीके से मॉनिटर और सुरक्षित रख सकें।

पुराना डाटा भी रहेगा सुरक्षित

सॉफ्टवेयर उत्पादन के दौरान होने वाले बदलावों का रिकॉर्ड भी तैयार करेगा। किसी उत्पाद के निर्माण में समस्या आने पर इस रिकॉर्ड की मदद से उसके कारणों का विश्लेषण किया जा सकेगा।

पुराना डाटा सुरक्षित रहने से कंपनियां भविष्य में उसका इस्तेमाल अपनी उत्पादन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए भी कर सकेंगी। इस तकनीक से छोटी कंपनियों और स्टार्टअप को उत्पादन की निगरानी, डाटा प्रबंधन और संभावित नुकसान कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।


सम्बन्धित सामग्री







हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें!

विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें