अयोध्या: राममंदिर चढ़ावे में जांच, एसआईटी गठन |
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से एक वरिष्ठ अधिकारी के अयोध्या पहुंचने की चर्चा रही। बताया जा रहा है कि अधिकारी अपने स्तर पर तथ्य जुटाकर रिपोर्ट पीएमओ को सौंपेंगे। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
इधर, मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार को अयोध्या पहुंचेगी। एसआईटी ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जानकारी लेने के साथ मंदिर के कर्मचारियों और चिह्नित संदिग्धों से पूछताछ करेगी। इसके अलावा ट्रस्ट द्वारा अब तक की गई आंतरिक जांच का पूरा विवरण भी जुटाया जाएगा।
एक सप्ताह पहले सामने आया था मामला
राम मंदिर की दान राशि में कथित हेरफेर का मामला बीते सप्ताह सामने आया था। इसके बाद से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी अपने स्तर पर गोपनीय जांच में जुटे हुए हैं। ट्रस्ट कार्यालय के आसपास बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने शनिवार को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। यह कदम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद उठाया गया।
एसआईटी में शामिल हैं ये अधिकारी
जांच दल में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरन एस तथा विशेष सचिव वित्त नील रतन को शामिल किया गया है।
हालांकि चर्चा थी कि एसआईटी रविवार से ही जांच शुरू कर देगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक टीम सोमवार को अयोध्या पहुंचकर जांच प्रक्रिया शुरू करेगी।
केवल वित्तीय अनियमितता ही नहीं, मिलीभगत की भी होगी जांच
सूत्रों के अनुसार एसआईटी केवल धन के लेन-देन और तकनीकी पहलुओं की जांच तक सीमित नहीं रहेगी। टीम यह भी पता लगाएगी कि किसी स्तर पर संरक्षण, लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। यदि किसी ट्रस्टी, पदाधिकारी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की संलिप्तता अथवा प्रशासनिक चूक के प्रमाण मिलते हैं तो उनके अधिकार सीमित किए जा सकते हैं।
अब तक दर्ज नहीं हुई एफआईआर
मामले में कथित गबन के साक्ष्य मिलने की चर्चा के बावजूद अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल भी उठ रहे हैं।
अधिकारियों से मिले बिना लौटे विनय कटियार
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर शिकायत दर्ज कराने का एलान करने वाले पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार रविवार को अधिकारियों से मुलाकात किए बिना ही लखनऊ रवाना हो गए।
उन्होंने शनिवार को अयोध्या पहुंचने पर कहा था कि वह रविवार को डीआईजी और एसएसपी से मिलकर कथित घपले में शामिल लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर की मांग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि श्रद्धालुओं के दान में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा जाना चाहिए। हालांकि रविवार को उनका अधिकारियों से मिलने का कार्यक्रम नहीं हो सका और वह बिना औपचारिक शिकायत दर्ज कराए ही लखनऊ लौट गए।
नृपेंद्र मिश्र ने किया दानपेटियों का निरीक्षण
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को श्रीराम जन्मभूमि परिसर में दानपेटियों और चढ़ावे के प्रबंधन की व्यवस्था का निरीक्षण किया।
उन्होंने चढ़ावा संग्रह, सुरक्षा व्यवस्था और बैंक में जमा कराने तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने रामलला के गर्भगृह में रखी दान पेटियों का भी जायजा लिया।
नृपेंद्र मिश्र ने एसआईटी जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे से भी कम समय में जांच समिति का गठन कर दिया है। उन्होंने कहा कि समिति की संस्तुतियों को लागू किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच : अवधेश प्रसाद
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर भरोसा न जताते हुए मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में गठित स्वतंत्र समिति से कराने की मांग की। साथ ही ट्रस्ट को भंग करने और जिम्मेदार पदाधिकारियों को पद से हटाने की भी मांग उठाई।
ट्रस्ट भवन में लगाया गया नया हाई-सिक्योरिटी लॉकर
राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव भी शुरू हो गया है। इसी क्रम में ट्रस्ट कार्यालय में एक नया उच्च सुरक्षा वाला लॉकर स्थापित किया गया है।
इस लॉकर का उद्देश्य दानपेटियों से प्राप्त नकदी, बहुमूल्य आभूषणों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की देखरेख में इस लॉकर को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थापित कराया गया है।