Saturday, September 05, 2026 04:52:05 PM

पीएम मोदी ने फोन पर जाना वाराणसी में बाढ़ का हाल
पीएम मोदी ने फोन पर जाना वाराणसी में बाढ़ का हाल, राहत कार्य तेज करने के निर्देश

पीएम मोदी ने वाराणसी में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

पीएम मोदी ने फोन पर जाना वाराणसी में बाढ़ का हाल राहत कार्य तेज करने के निर्देश
पीएम मोदी ने फोन पर जाना वाराणसी में बाढ़ का हाल |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों का जायजा लिया। काशी के सांसद पीएम मोदी ने महापौर अशोक तिवारी और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर बात कर बाढ़ की स्थिति की पूरी जानकारी ली।

पीएम मोदी ने जिलाधिकारी से गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर के साथ-साथ बाढ़ राहत शिविरों में दी जा रही सुविधाओं के बारे में पूछा। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को सभी जरूरी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं और उन्हें कम से कम परेशानी हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

पीएम ने कहा कि जहां भी राहत सामग्री की अतिरिक्त जरूरत हो, वहां तुरंत व्यवस्था की जाए। साथ ही बाढ़ और राहत कार्यों पर लगातार नजर रखने और प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।

पीएम ने महापौर और डीएम से की बात

प्रधानमंत्री ने सुबह 10:27 बजे महापौर अशोक तिवारी से करीब तीन मिनट तक फोन पर बात की। इसके बाद 10:30 बजे उन्होंने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से करीब पांच मिनट तक बातचीत की।

इस दौरान पीएम मोदी ने गंगा के साथ-साथ वरुणा नदी में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली और काशी में चल रहे राहत कार्यों का हाल जाना।

कितने गांव और लोग प्रभावित हुए?

पीएम मोदी ने डीएम से पूछा कि वरुणा नदी में बाढ़ की स्थिति क्या है और कितने गांव व लोग इससे प्रभावित हुए हैं। उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों की संख्या के बारे में भी जानकारी ली।

डीएम ने बताया कि गंगा अपने चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गंगा का पानी चेतावनी बिंदु से ऊपर जाने के कारण वरुणा नदी में भी पानी पलट रहा है।

इससे वरुणा के तटवर्ती 15 मोहल्लों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम लगातार जारी है।

17 राहत शिविरों में 1850 लोग

प्रधानमंत्री ने पूछा कि कितने राहत शिविर खोले गए हैं और उनमें कितने लोग रह रहे हैं। डीएम ने बताया कि अब तक 17 राहत शिविर खोले गए हैं, जहां 1850 लोगों को रखा गया है।

प्रशासन के पास जरूरत पड़ने पर पूरे क्षेत्र में 61 राहत शिविर तक खोलने की क्षमता है। आवश्यकता होने पर शिविरों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का विशेष ध्यान

पीएम मोदी ने आगे भी बाढ़ की स्थिति बने रहने की संभावना के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि अभी बारिश जारी है, इसलिए गंगा का जलस्तर बढ़ सकता है। बारिश रुकने के बाद धीरे-धीरे बाढ़ की स्थिति कम होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित मोहल्लों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उन्हें भी इसकी जानकारी दी जाए।


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