कबाड़ से बने हिरण की आकृति | पाठकराज
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नोएडा। शहर को एक नया और अनोखा पर्यटक स्थल मिल गया है। सेक्टर-94 में महामाया फ्लाईओवर के पास तैयार किया गया ‘जंगल ट्रेल पार्क’ आखिरकार जनता के लिए खोल दिया गया है। यह पार्क अपनी खासियतों के कारण न सिर्फ राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। लगभग 18.27 एकड़ क्षेत्र में फैले इस पार्क को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत जून 2024 में तैयार करना शुरू किया गया था और करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से यह एकदम नयी थीम के साथ बनाया गया है।
कबाड़ से बना ‘जंगल’—कला और पर्यावरण का अनूठा संगम
जंगल ट्रेल पार्क की सबसे बड़ी विशेषता है—यहां लगी कबाड़ और स्क्रैप धातु से बनी 650 से अधिक जीव-जंतुओं की आकृतियां, जिनकी संख्या बढ़कर अब 700 तक पहुँच चुकी है।
इनमें शामिल हैं—
- बाघ, शेर, हाथी, गैंडा, भालू, मगरमच्छ, जिराफ, ऊंट और हिरण
- अफ्रीकी शेर, पेंगुइन, कंगारू, इमू और ध्रुवीय भालू
- डायनासोर की विशाल प्रतिमाएं
- फ्लेमिंगो, तितली, रंग-बिरंगे पक्षी और कई छोटी आकृतियां
करीब 500 टन लोहे और कबाड़ का उपयोग कर कलाकारों ने इन्हें इस तरह गढ़ा है कि ये बेहद जीवंत दिखाई देती हैं। यह पार्क न सिर्फ मनोरंजन का एक नया विकल्प है, बल्कि अपसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश भी देता है।
टिकट और सुविधाएं
पार्क में प्रवेश शुल्क 120 रुपये तय किया गया है। टिकट ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से खरीदे जा सकते हैं। पार्क में आगंतुकों के लिए— पिकनिक स्पॉट, फूड कोर्ट, आरामदायक वॉकवे, फोटो पॉइंट्स, सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं का इंतज़ाम किया गया है ताकि परिवार यहां पूरा दिन आनंदपूर्वक बिता सके।
नोएडा का नया टूरिस्ट हॉटस्पॉट
जंगल ट्रेल पार्क, कबाड़ की कलात्मक अपसाइक्लिंग का दुनिया में शायद सबसे बड़ा उदाहरण है। यह एक ऐसा थीम पार्क है, जहाँ कला, प्रकृति, रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण—सभी एक साथ दिखाई देते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पार्क आने वाले समय में नोएडा का प्रमुख पर्यटक स्थल बनेगा और दिल्ली-एनसीआर के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान जोड़ेगा।