जुलाई महीने में शुरू हुई थी टोकन व्यवस्था | पाठकराज
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नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जांच को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे। मरीजों की भीड़ और लंबी लाइनों के बीच आए दिन ओपीडी में झगड़े की नौबत आ जाती है। जुलाई महीने में मरीजों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई हाथापाई के बाद जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. अजय राणा ने टोकन सिस्टम लागू किया था।
शुरुआत में यह व्यवस्था कुछ हद तक सफल रही, लेकिन अब टोकन व्यवस्था ही अस्पताल प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गई है। बताया जा रहा है कि मरीज और उनके परिजन रोजाना दिए जाने वाले टोकन को घर लेकर चले जाते हैं। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी हो गई कि अस्पताल के पास पर्याप्त टोकन ही नहीं बचे।
जागरूकता की कमी से बढ़ रही समस्या
डॉ. अजय राणा का कहना है कि लोगों में जागरूकता की कमी के कारण बार-बार ऐसी समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रबंधन को मजबूरन टोकन व्यवस्था खत्म करनी पड़ी है।
नई व्यवस्था लागू
अब अस्पताल प्रशासन ने एक नया प्रयोग शुरू किया है। "पहले आओ, पहले पाओ" प्रणाली लागू की गई है।
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अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों के लिए अलग लाइन होगी।
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एक्स-रे कराने वालों के लिए भी अलग लाइन बनाई जाएगी।
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प्रतिदिन केवल पहले 100 मरीजों को ही इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि सुबह-सुबह लंबी कतार में लगना बेहद कठिन है, खासकर बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए। वहीं, कुछ मरीजों ने शिकायत की कि नई व्यवस्था से अव्यवस्था और बढ़ेगी, क्योंकि पहले ही अस्पताल में भीड़ का दबाव बहुत ज्यादा है।
प्रबंधन की अपील
सीएमएस डॉ. अजय राणा ने लोगों से अपील की है कि जांच के लिए बनाए गए नियमों का पालन करें और अनावश्यक विवाद से बचें। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए लगातार नई व्यवस्थाएं आजमाई जा रही हैं ताकि बेहतर सेवा सुनिश्चित की जा सके।