Saturday, September 05, 2026 01:57:02 AM

गडकरी के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल
नितिन गडकरी बोले- अब पहले जितना काम नहीं कर पाता, नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के ‘नई पीढ़ी को जिम्मेदारी’ वाले बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल है। गडकरी ने सेहत, अपने पुराने राजनीतिक सफर और आदिवासी इलाकों में शिक्षा को लेकर भी बात की।

नितिन गडकरी बोले- अब पहले जितना काम नहीं कर पाता नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए
गडकरी के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल |

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। गडकरी ने कहा कि अब वह पहले जितना काम नहीं कर पा रहे हैं और जिम्मेदारी नई पीढ़ी के हाथों में सौंपने का समय आ गया है।

गडकरी ने यह बात नागपुर के काटोल में आयोजित ‘एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग’ के कार्यक्रम में कही।

उनके इस बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली जाने की अटकलें राजनीतिक गलियारों में चल रही हैं। इसी वजह से गडकरी के बयान को संभावित राजनीतिक और संगठनात्मक बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

कोरोना के बाद सेहत पर दिया ध्यान

कार्यक्रम में गडकरी ने अपने पुराने दिनों का एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि युवावस्था में उनकी जीवनशैली काफी अनियमित थी। पार्टी के काम के दौरान वह शाम को समोसा खाकर सो जाते थे।

गडकरी ने कहा कि कोविड के बाद उन्होंने अपनी सेहत पर ध्यान देना शुरू किया। अब वह रोज सुबह करीब ढाई घंटे एक्सरसाइज और प्राणायाम करते हैं।

उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि उन्हें भी रोज कम से कम आधा घंटा व्यायाम और प्राणायाम करना चाहिए।

चार लोग एक स्कूटर पर जाते थे

गडकरी ने अपने राजनीतिक सफर के शुरुआती दिनों की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उस समय पार्टी के काम के लिए वे लोग साइकिल और स्कूटर से निकलते थे।

उन्होंने बताया कि उनके पास एक लूना थी, जिस पर दो लोग बैठकर जाते थे। बाद में विजय स्कूटर आया, जिस पर चार लोग तक बैठ जाते थे। पुलिस से बचने के लिए पीछे बैठे लोग नंबर प्लेट पर हाथ रख लेते थे।

उन्होंने यह भी बताया कि उस समय पार्टी के बड़े नेताओं के एयरपोर्ट आने-जाने के लिए एक व्यक्ति की एम्बेसडर कार का इस्तेमाल किया जाता था। इसी वजह से उस कार के मालिक को पार्टी अध्यक्ष बना दिया गया था।

आदिवासी गांवों में शिक्षा पर जोर

कार्यक्रम में गडकरी ने ‘एकलव्य एकल विद्यालय’ संस्था के काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के दूरदराज के आदिवासी इलाकों में शिक्षा पहुंचाना जरूरी है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन यह अभियान इतना बड़ा होगा कि राज्य का कोई भी आदिवासी गांव शिक्षा के उजाले से दूर नहीं रहेगा और हर घर तक शिक्षा पहुंचेगी।

गडकरी का नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने वाला बयान फिलहाल महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं के बीच काफी अहम माना जा रहा है।


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