नेपाल रसुवा में बाढ़ से भारी तबाही |
नेपाल के रसुवा जिले और आसपास के इलाकों में तिब्बत की ओर से आई अचानक और तेज बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। स्थानीय स्तर और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बाढ़ की भयावह तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
बाढ़ इतनी तेज थी कि शांत बहने वाली नदी कुछ ही समय में रौद्र रूप में बदल गई। तेज पानी के बहाव में पुल, सड़कें, वाहन और इमारतें बहती नजर आईं। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक इस आपदा में 8 लोगों की मौत हुई है।
हाल ही में बना पुल भी बहा
बाढ़ की चपेट में आने से एक ऐसा पक्का पुल भी बह गया, जिसे हाल ही में दोबारा बनाया गया था। यह पुल अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को जोड़ने वाला बताया जा रहा है।
इसके अलावा इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी भी बाढ़ में जलमग्न और क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
शांत नदी अचानक बनी सैलाब
सामने आए एक वीडियो में शुरुआत में नदी का बहाव बिल्कुल सामान्य दिखाई देता है। लेकिन कुछ ही देर में पानी का स्तर और रफ्तार तेजी से बढ़ जाती है। देखते ही देखते पानी इतना तेज हो जाता है कि रास्ते में आने वाली चीजें बहने लगती हैं।
एक अन्य वीडियो में पहाड़ों के बीच पहले सफेद धुएं जैसी परत दिखाई देती है और कुछ ही पलों बाद वही क्षेत्र तेज पानी के बहाव की चपेट में आता नजर आता है।
बाढ़ के बाद के एक वीडियो में घर और दूसरी इमारतें तेज पानी में बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई देती हैं। कई संरचनाएं पानी के साथ बहती नजर आती हैं।
टिमुरे बाजार और सीमा क्षेत्र प्रभावित
बुधवार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की ओर से अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे बाजार और सीमा क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया।
लेन्दे खोला यानी भोटेकोशी नदी में आए तेज बहाव से रसुवा सीमा नाका और कस्टम क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ। अधिकारियों के मुताबिक टिमुरे सहित आसपास के दो बाजार बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
रसुवा भन्सार क्षेत्र में खड़े कई वाहन और अन्य सामान भी पानी में बह गए। पिछले साल बाढ़ से क्षतिग्रस्त जगह पर हाल ही में बनाया गया नया पुल भी इस बार के सैलाब में बह गया।
दोबारा बाढ़ की आशंका
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने दोबारा बाढ़ आने की आशंका जताई है। चीन से मिली जानकारी के आधार पर बताया गया है कि कथित तौर पर फटी ग्लेशियल झील के स्थान पर अभी करीब 7 मीटर ऊंचा पानी का बांध बना हुआ है। इसके कभी भी टूटने की आशंका बताई गई है।
इसी वजह से नदी किनारे के इलाकों में जाने से बचने और राहत-बचाव में लगे कर्मचारियों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
NDRRMA ने हेलीकॉप्टर और ड्रोन से जुड़ी एजेंसियों से जिला प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान में मदद करने की अपील की है।
15 हेलीकॉप्टर राहत-बचाव में जुटे
नेपाल आर्मी के अनुसार प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बुसी इलाके से कम से कम 25 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
बचाव अभियान में कुल 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। इनमें 7 नेपाली सेना के और 8 अन्य एजेंसियों के हेलीकॉप्टर शामिल हैं।
घायलों के इलाज के लिए मच्छिली ट्रेनिंग कैंप में मेडिकल सेंटर बनाया गया है। नेपाली सेना की बड़ी संख्या में टुकड़ियां, स्पेशल ऑपरेशन टीम और मेडिकल टीम प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं। काठमांडू से भी अतिरिक्त टीमें प्रभावित इलाकों के लिए रवाना की गई हैं।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव अभियान को तेज करना है।