लड़की के वीडियो पर सोशल मीडिया में विवाद |
काकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने वाली लड़की का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। प्रधानमंत्री द्वारा उसे माफ किए जाने के बाद अब सोशल मीडिया पर लड़की की पहचान और उम्र को लेकर बहस तेज हो गई है।
इंटरनेट मीडिया पर कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि अपशब्द बोलने वाली लड़की और माफी मांगने वाली लड़की अलग-अलग हैं। कुछ लोगों ने दोनों वीडियो में दिखाई दे रही लड़कियों के दांतों की बनावट, नाक छिदी होने या न होने जैसे बिंदुओं का हवाला देते हुए यह दावा किया है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लड़की के परिवार की ओर से जारी वीडियो में उसे नाबालिग बताया गया है। वहीं, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का आरोप है कि माफी मांगने वाले वीडियो में दूसरी लड़की दिखाई गई है। कई लोगों ने इसे लेकर अलग-अलग टिप्पणियां की हैं और इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के वीडियो भी साझा किए जा रहे हैं, जिनमें उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए हैं।
इस पूरे मामले में लड़की की मां, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, ने प्रधानमंत्री द्वारा बेटी को माफ किए जाने पर वीडियो जारी कर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी के व्यवहार से बेहद शर्मिंदा हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने उनकी बेटी को जन्मदिन पर माफ कर बड़ा दिल दिखाया है। उनके अनुसार, यह उनके परिवार के लिए किसी बड़े उपहार से कम नहीं है।
वहीं, कानूनी कार्रवाई की बात करें तो गाजियाबाद के वसुंधरा निवासी और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने 29 जुलाई को एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 23 जुलाई को जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे गए, जिससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और सामाजिक विद्वेष फैलाने की कोशिश हुई।
नोएडा पुलिस ने मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर केस दिल्ली के संसद मार्ग थाने को स्थानांतरित कर दिया। वहीं, विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज न करने का फैसला किया है। ऐसे में संबंधित लड़की के खिलाफ फिलहाल कोई आपराधिक मामला आगे नहीं बढ़ेगा।