अभिनंदन अब उड़ाएंगे पैसेंजर प्लेन |
27 फरवरी 2019 का दिन भारतीय वायुसेना और देश के लिए बेहद खास था। इससे एक दिन पहले, 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
इसके अगले दिन यानी 27 फरवरी को तत्कालीन ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने डॉगफाइट के दौरान अपने MiG-21 Bison से पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था।
हालांकि, इसके बाद उनका विमान मिसाइल हमले की चपेट में आया और उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा। वह LoC के पार जा गिरे और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया। करीब 60 घंटे बाद, 1 मार्च 2019 को उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाया गया।
अभिनंदन को उनकी बहादुरी के लिए देश के तीसरे सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया।
अब अभिनंदन ने भारतीय वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने इसी साल 31 मार्च को IAF छोड़ी और इसके बाद क्षेत्रीय एयरलाइन Fly91 से जुड़ गए।
क्या फाइटर जेट पायलट पैसेंजर प्लेन उड़ा सकता है?
इसका जवाब है—हां, लेकिन सीधे नहीं।
भारतीय वायुसेना या तीनों सेनाओं का योग्य पायलट सेवा पूरी करने या सेवानिवृत्ति के बाद नागरिक एयरलाइंस में पायलट बन सकता है। इसके लिए कई नियम और प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं।
अभिनंदन ने भी कमर्शियल एविएशन में जाने से पहले रक्षा मंत्रालय से NOC यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल किया है।
सैन्य पायलटों की नागरिक विमानन क्षेत्र में काफी मांग रहती है, क्योंकि उनके पास हजारों घंटे का उड़ान अनुभव, कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता, अनुशासन और उच्च स्तर की ट्रेनिंग होती है।
कमर्शियल पायलट बनने के लिए किन नियमों का पालन करना होता है?
पहला नियम: सैन्य सेवा से बाहर आने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। शॉर्ट सर्विस कमीशन के पायलट तय 10 से 14 साल की सेवा के बाद और परमानेंट कमीशन के अधिकारी समय से पहले रिटायरमेंट या आमतौर पर 20 साल की पेंशन योग्य सेवा के बाद बाहर आ सकते हैं। इसके साथ वायुसेना मुख्यालय और रक्षा मंत्रालय से NOC जरूरी होता है।
दूसरा नियम: सैन्य पायलट का लाइसेंस सीधे सिविल एयरलाइन में मान्य नहीं होता। इसे DGCA के नियमों के तहत कन्वर्ट करना पड़ता है।
तीसरा नियम: वायुसेना में उड़ाए गए घंटों का रिकॉर्ड यानी Flying Hours और Logbook Verification DGCA से करवाना जरूरी होता है।
चौथा नियम: पायलट को नागरिक विमानन के नियम, एयर रेगुलेशन और एविएशन मीटियोरोलॉजी जैसे विषयों की DGCA परीक्षाएं पास करनी होती हैं।
पांचवां नियम: DGCA से मान्यता प्राप्त मेडिकल सेंटर में Class-1 Medical Test पास करना होता है।
छठा नियम: फाइटर जेट और पैसेंजर विमान की उड़ान तकनीक अलग होती है। इसलिए फाइटर जेट पायलटों को Airbus A320, Boeing 737 या ATR जैसे यात्री विमानों के लिए Type Rating और Simulator Training करनी होती है।
वहीं, C-17 Globemaster, C-130J Super Hercules या AN-32 जैसे बड़े सैन्य परिवहन विमान उड़ाने वाले पायलटों को कमर्शियल मल्टी-इंजन विमान में बदलाव करने में तुलनात्मक रूप से कम समय लग सकता है।
बालाकोट एयरस्ट्राइक और अभिनंदन की वीरता
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। इसके 12 दिन बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की।
इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना के 12 Mirage-2000 लड़ाकू विमानों ने LoC पार कर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर Spice बम गिराए। इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन बंदर’ नाम दिया गया था।
इसके अगले दिन 27 फरवरी को अभिनंदन ने पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया। इसी दौरान उनका विमान मिसाइल हमले की चपेट में आया और उन्हें इजेक्ट करना पड़ा।
पाकिस्तान ने उन्हें हिरासत में ले लिया था, लेकिन भारत के कड़े कूटनीतिक और सैन्य दबाव के बाद करीब 60 घंटे में, 1 मार्च 2019 को अभिनंदन को भारत वापस सौंप दिया गया।