कार्यक्रम का उद्घाटन करते मुख्य अतिथि। | पाठकराज
पाठकराज
नोएडा। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के के. एन. उडुप्पा ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य सम्मान समारोह एवं सुदर्शन सभा में वरिष्ठ समाजसेवी एवं संरचना अभियंता डॉ. हरीश मिश्र को “भारत रत्न काशी महामना पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्र, संस्कृति और समाज के कल्याण के लिए कार्यरत संस्था परिवर्तन योगेश संस्थान, नई दिल्ली द्वारा आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ बाबा विश्वनाथ वंदन, दीप प्रज्वलन, मंत्रोच्चार, तथा भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय “महामना” जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि के साथ हुआ। इसके बाद गणेश वंदना, गुरु वंदना और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता काशी हिंदी विद्यापीठ, वाराणसी के कुलपति डाॅ. संभाजी राजाराम बाविस्कर ने की। सम्मान प्रदान करने वाले प्रमुख अतिथियों में डाॅ. योगेश तरेहन, राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय महासचिव, संयोजक एवं उपकुलपति (काशी हिंदी विद्यापीठ) तथा परिवर्तन योगेश संस्थान के संस्थापक महर्षि भारद्वाज सनातन अखाड़ा, प्रयागराज के पीठाधीश्वर परम पूज्य श्री श्री 1008 डाॅ. कृष्णानंद जी महाराज तथा महामंडलेश्वर डाॅ. एन. एन. त्रिपाठी शामिल रहे। इस अवसर पर भारत के 16 राज्यों से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने समारोह को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट महत्व प्रदान किया।
डॉ. हरीश मिश्र को यह सम्मान उनके बहुआयामी योगदान — आध्यात्म सेवा, समाज सेवा, मातृभूमि सेवा, सारस्वत साधना, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा के आधार पर प्रदान किया गया। सभी गणमान्य अतिथियों ने डॉ. मिश्र को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने उत्कृष्ट कार्यों से समाज को दिशा और प्रेरणा देते रहेंगे। ज्ञात हो कि डॉ. हरीश मिश्र को उनके संरचना अभियंत्रण और सामाजिक योगदान के क्षेत्र में पूर्व में भी कई राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।