बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव आज |
बांग्लादेश में आज नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव होने जा रहा है। सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को चुनाव में मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उनके सामने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त कर्नल ओली अहमद हैं, जो 11 दलों के विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक, राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान जातीय संसद में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। बांग्लादेश में 1991 के बाद यह पहला राष्ट्रपति चुनाव है, जिसमें दो उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। पिछले कई वर्षों में राष्ट्रपति का चुनाव आमतौर पर सहमति से या बिना मुकाबले के होता रहा है।
आलमगीर ने सांसदों से मांगा समर्थन
78 वर्षीय मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बुधवार को BNP की संसदीय दल की बैठक में पार्टी के सांसदों से उन्हें वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर उनसे कोई गलती हुई हो या अनजाने में किसी को दुख पहुंचा हो, तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।
बैठक में मौजूद सांसदों के अनुसार, आलमगीर इस दौरान भावुक भी नजर आए। उन्होंने देश की आजादी और संप्रभुता से कभी समझौता नहीं करने का वादा किया।
शुक्रवार को हो सकता है नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण
‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार के शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने की संभावना है।
यह चुनाव पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद हो रहा है। शहाबुद्दीन को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का करीबी माना जाता था। उन्होंने पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया था और उनका पांच साल का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ था।
संसद करती है राष्ट्रपति का चुनाव
बांग्लादेश के संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति का चुनाव संसद करती है और पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुना जाना जरूरी है।
फिलहाल राष्ट्रपति पद खाली होने के बाद संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
BNP के पास दो-तिहाई बहुमत
12 फरवरी को हुए चुनाव में BNP सत्ता में आई थी और वर्तमान संसद में उसके पास दो-तिहाई बहुमत है। ऐसे में मिर्जा फखरुल आलमगीर की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
अगर वह चुनाव जीतते हैं, तो वह बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति बनेंगे।
आलमगीर दो दशक से ज्यादा समय से BNP के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। वह 2011 में पार्टी के कार्यवाहक महासचिव बने थे और 2016 में उन्हें औपचारिक रूप से महासचिव बनाया गया।
राष्ट्रपति के पास कितनी ताकत?
बांग्लादेश की संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति मुख्य रूप से औपचारिक राष्ट्राध्यक्ष होते हैं। हालांकि, संविधान के तहत उनके पास कुछ महत्वपूर्ण अधिकार भी हैं। इनमें प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति शामिल है। राष्ट्रपति देश की सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर भी होते हैं। हालांकि, इन शक्तियों का इस्तेमाल आमतौर पर प्रधानमंत्री की सलाह पर किया जाता है।
कौन हैं मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर?
आलमगीर ने अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत वामपंथी विचारों वाले छात्र नेता के रूप में की थी। उस समय बांग्लादेश को पूर्वी पाकिस्तान कहा जाता था।
1971 में भारत की मदद से बांग्लादेश पाकिस्तान से आजाद हुआ। 1990 के दशक की शुरुआत में BNP में शामिल होने के बाद आलमगीर ने कृषि और विमानन राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया।
12 फरवरी के चुनाव के बाद 17 फरवरी 2026 को बनी नई सरकार में उन्हें ग्रामीण विकास और सहकारिता मंत्री बनाया गया।