Saturday, July 18, 2026 02:43:12 AM

आयोध्या राम मंदिर की दान राशि जांच में चुप्पी
राम मंदिर दान राशि मामले में जांच जारी, ट्रस्ट की चुप्पी पर बढ़ी चर्चा

अयोध्या राम मंदिर की दान राशि में कथित गड़बड़ी और गबन के आरोपों की जांच जारी है। ट्रस्ट की चुप्पी के बीच दान प्रक्रिया, रिकॉर्ड और बैंक जमा राशि की समीक्षा हो रही है। जांच की मांग तेज हो गई है।

राम मंदिर दान राशि मामले में जांच जारी ट्रस्ट की चुप्पी पर बढ़ी चर्चा
आयोध्या राम मंदिर की दान राशि जांच में चुप्पी |

अयोध्या स्थित राम मंदिर की दान राशि में कथित गड़बड़ी और गबन के आरोपों को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष ट्रस्टी और पदाधिकारी अब तक सार्वजनिक रूप से कोई बयान देने से बच रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट स्तर पर मामले की गोपनीय जांच कराई जा रही है और जांच पूरी होने तक कोई भी अधिकारी खुलकर कुछ कहने के पक्ष में नहीं है।

जानकारी के अनुसार, जांच केवल कथित गबन के आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि दान संग्रह से लेकर उसकी गणना, रिकॉर्डिंग और बैंक में जमा किए जाने तक की पूरी प्रक्रिया की तकनीकी समीक्षा की जा रही है। संबंधित तिथियों की सीसीटीवी फुटेज, दान पात्र खोलने की प्रक्रिया, नकदी की गिनती के दौरान मौजूद कर्मचारियों की भूमिका और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान भी जांच के दायरे में शामिल है।

सूत्रों का कहना है कि मंदिर में दान राशि की गणना बहुस्तरीय व्यवस्था के तहत की जाती है। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित गड़बड़ी किसी प्रक्रिया संबंधी कमी का परिणाम है या फिर इसमें किसी व्यक्ति विशेष की भूमिका सामने आती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ कर्मचारियों के दायित्वों में बदलाव और संदिग्ध गतिविधियों की आंतरिक समीक्षा किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इन बातों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने उठाए सवाल

राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर और अयोध्या के नाम पर कुछ लोग लगातार कमाई कर रहे हैं। उनके अनुसार पहले सस्ती जमीनें खरीदकर महंगे दामों पर बेची गईं और अब चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का ट्रस्ट पर हमला

इस मामले को लेकर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिलापूजन के समय से ही वहां चोरी की घटनाएं होती रही हैं। उनका कहना था कि जब अयोध्या में प्लॉटों की खरीद-बिक्री शुरू हुई तो उसमें भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और जमीनों के दाम तेजी से बढ़े।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह बातें राम मंदिर से जुड़े लोगों की ओर से ही सामने आई हैं। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जहां चंपत राय बैठे हैं, वहां ऐसी घटनाएं होना आश्चर्य की बात नहीं है।

विनय कटियार ने की निष्पक्ष जांच की मांग

राम मंदिर की दान राशि में कथित गबन और चोरी के आरोपों के बीच राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

वहीं संत समाज के कई प्रमुख संतों ने भी इस मामले में पारदर्शी जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता बताई है। दान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर अब राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि सभी की निगाहें जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।


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