Saturday, September 05, 2026 05:09:06 PM

राम मंदिर को मिला पहला CEO
राम मंदिर को मिला पहला CEO, पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की हुई नियुक्ति

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया है। गोविंद देव गिरी नए महासचिव बने हैं। ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है।

राम मंदिर को मिला पहला ceo पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की हुई नियुक्ति
राम मंदिर को मिला पहला CEO |

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के व्यवस्थित संचालन के लिए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी CEO नियुक्त किया है। बुधवार को अयोध्या की मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। बैठक में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी और आमंत्रित सदस्य मौजूद रहे।

ट्रस्ट ने नए महासचिव के नाम का भी ऐलान किया है। गोविंद देव गिरी को ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है। इसके साथ ही तीन नए सदस्यों को भी ट्रस्ट में शामिल किया गया है। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और अयोध्या की निर्मला यादव शामिल हैं।

16 लोगों के हुए थे इंटरव्यू

राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि CEO पद के लिए कुल 16 लोगों के इंटरव्यू हुए थे। इनमें से एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज के नाम वाले तीन लोगों का चयन किया गया था। इसके बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम को अंतिम रूप दिया गया।

वहीं, राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी को नया महासचिव बनाया गया है।

कौन हैं मदन मोहन पांडेय और निर्मला यादव?

कृष्ण मोहन के मुताबिक, मदन मोहन पांडेय अयोध्या के रहने वाले हैं और पेशे से वकील हैं। वह राम जन्मभूमि-बाबरी विवाद मामले में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रह चुके हैं।

डॉ. निर्मला यादव शिकोहाबाद की रहने वाली हैं। उन्होंने हिंदी और संस्कृत में परास्नातक किया है और विश्वविद्यालय में 15 साल तक काम करने का अनुभव है। बैठक में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ऑनलाइन जुड़े। वहीं, दोपहर 3 बजे हुई दूसरी बैठक में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी शामिल हुए।

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया था।

अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के विमानों पर उड़ान भरी और 3,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव हासिल किया। वह कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी रह चुके हैं।

इसके अलावा उन्होंने एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख यानी डिप्टी चीफ के तौर पर सिद्धांत, संगठन और प्रशिक्षण जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने भारत के साथ-साथ अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों से प्रशिक्षण लिया है। उनके पास बड़े संगठनों के संचालन और नेतृत्व का व्यापक अनुभव है।

सैन्य अनुशासन से अब मंदिर प्रबंधन तक

राम मंदिर के पहले CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंदिर अब निर्माण के चरण से आगे बढ़कर व्यवस्थित संचालन और बड़े धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

CEO के सामने रोजाना बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, कर्मचारियों का प्रबंधन, सुविधाओं का विस्तार और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल जैसी जिम्मेदारियां होंगी।

ऐसे में मिश्रा का सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और बड़े संस्थान के प्रबंधन का अनुभव ट्रस्ट के लिए अहम माना जा रहा है। देवरिया के भोपतपुरा गांव से भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे जितेंद्र मिश्रा के लिए अब अयोध्या के राम मंदिर के पहले CEO के रूप में एक नई जिम्मेदारी शुरू हुई है।


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