Sunday, August 16, 2026 10:44:42 AM

Air India टर्बुलेंस में फंसी फ्लाइट AI2379
एयर इंडिया की फ्लाइट टर्बुलेंस की चपेट में, 12 लोग घायल

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। विमान सुरक्षित उतार लिया गया, जबकि 12 यात्री और क्रू सदस्य घायल हुए हैं।

एयर इंडिया की फ्लाइट टर्बुलेंस की चपेट में 12 लोग घायल
Air India टर्बुलेंस में फंसी फ्लाइट AI2379 |

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 मंगलवार को उड़ान के दौरान तेज टर्बुलेंस (हवा के तेज झटकों) की चपेट में आ गई। अचानक आए झटकों से विमान बुरी तरह हिलने लगा और कुछ समय के लिए नीचे की ओर आया। हालांकि, पायलट ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतार दिया।

समाचार एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस घटना में 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें यात्री और क्रू सदस्य दोनों शामिल हैं। सभी घायलों को दिल्ली एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर में जांच और उपचार के लिए भेजा गया है।

एयर इंडिया ने अपने प्रारंभिक बयान में कहा था कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं तथा किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। एयरलाइन ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

घटना के बाद विमान की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें केबिन की छत (सीलिंग) के कुछ पैनलों में दरारें दिखाई दे रही हैं।

क्या होता है टर्बुलेंस?

टर्बुलेंस वह स्थिति होती है जब हवा का प्रवाह अचानक बदल जाता है, जिससे विमान को तेज झटके लगते हैं। इस दौरान विमान कुछ समय के लिए ऊपर-नीचे या दाएं-बाएं हिल सकता है और कभी-कभी अचानक नीचे भी आ सकता है। हालांकि, अधिकांश मामलों में यह सामान्य स्थिति होती है और विमान के गिरने का संकेत नहीं होती।

इसे ऐसे समझा जा सकता है जैसे कोई वाहन उबड़-खाबड़ सड़क पर चलते समय झटके खाता है। आधुनिक विमानों को ऐसे झटकों को सहने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया जाता है और पायलटों को भी टर्बुलेंस जैसी परिस्थितियों से सुरक्षित तरीके से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

टर्बुलेंस के प्रकार

 

  • हल्का टर्बुलेंस: विमान लगभग 1 मीटर तक ऊपर-नीचे होता है। कई बार यात्रियों को इसका अहसास भी नहीं होता।
  • मध्यम टर्बुलेंस: विमान 3 से 6 मीटर तक ऊपर-नीचे हो सकता है। इस दौरान सामान या पेय पदार्थ गिर सकते हैं।
  • गंभीर टर्बुलेंस: विमान लगभग 30 मीटर तक ऊपर-नीचे हो सकता है। यदि सीट बेल्ट न लगी हो तो यात्री अपनी सीट से उछल सकते हैं।

क्या टर्बुलेंस से विमान क्रैश हो सकता है?

आधुनिक तकनीक और उन्नत सुरक्षा प्रणालियों की वजह से केवल टर्बुलेंस के कारण विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना काफी कम होती है। हालांकि, अत्यधिक खराब मौसम या बेहद गंभीर परिस्थितियों में जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं होता।

दुनिया के तीन बड़े टर्बुलेंस से जुड़े विमान हादसे

 

  • 1994: अमेरिका की USAir Flight 1016 लैंडिंग के दौरान तूफान से पैदा हुए टर्बुलेंस की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हुई। हादसे में 37 लोगों की मौत हुई।
  • 1999: American Airlines Flight 1420 खराब मौसम और टर्बुलेंस के बाद रनवे से फिसल गई, जिसमें 11 लोगों की जान गई।
  • 2001: American Airlines Flight 587 टेकऑफ के कुछ देर बाद वेक टर्बुलेंस की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में विमान में सवार सभी 260 लोगों की मौत हो गई।

सम्बन्धित सामग्री







हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें!

विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें