Sunday, August 16, 2026 09:54:59 AM

CJP | अभिजीत दीपके का सरकार पर हमला
अभिजीत दीपके ने वित्तीय आरोपों को बताया निराधार, सरकार पर फिर साधा निशाना

अभिजीत दीपके ने वित्तीय आरोपों को खारिज करते हुए पढ़ाई से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए। शिक्षा मंत्री की नियुक्ति, NEET पीड़ितों के मुआवजे और जन आंदोलन को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

अभिजीत दीपके ने वित्तीय आरोपों को बताया निराधार सरकार पर फिर साधा निशाना
CJP | अभिजीत दीपके का सरकार पर हमला |

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने ऊपर लगे वित्तीय आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके फंड के स्रोत पूरी तरह पारदर्शी हैं और कोई भी उनकी जांच कराने के लिए स्वतंत्र है।

दरअसल, आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार से शिकायत करते हुए दीपके के पिता की आय और उनकी उच्च शिक्षा के खर्च पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में अभिजीत दीपके ने अपने दाखिले, छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण (एजुकेशन लोन) से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक किए। उन्होंने बताया कि अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में उनकी पढ़ाई छात्रवृत्ति और एजुकेशन लोन की मदद से पूरी हुई है।

इस दौरान दीपके ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी पहली मांग तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। हालांकि, उनकी जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने का उनकी पार्टी समर्थन नहीं करती।

दीपके ने आरोप लगाया कि प्रह्लाद जोशी बिलकिस बानो मामले के दोषियों का सम्मान करते हुए दिखाई दिए थे। उनके मुताबिक, ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह के फैसलों से स्कूल जाने वाली लड़कियों को क्या संदेश जाएगा।

अभिजीत दीपके ने NEET अभ्यर्थियों की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की दूसरी प्रमुख मांग आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की थी। उनका आरोप है कि अब तक किसी भी पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि सरकार मुआवजे के मामले में नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला देती है, जबकि अन्य मामलों में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। उनके अनुसार, पीड़ित परिवारों को राहत देने के बजाय सरकार केवल औपचारिकताओं का सहारा ले रही है।

छत्रपति संभाजीनगर में पार्टी के भविष्य को लेकर दीपके ने स्पष्ट किया कि उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि देश में ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक दलों को कमजोर किया जा रहा है और चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा न्यायपालिका, चुनाव प्रणाली और मीडिया से लगातार कम हो रहा है। ऐसे समय में राजनीतिक दल बनाने से ज्यादा जरूरी एक व्यापक जन आंदोलन है। दीपके ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कॉकरोच जनता पार्टी एक बार फिर सड़कों पर आंदोलन करेगी।


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