नीट यूजी पेपर लीक सीबीआई चार्जशीट |
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कई डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों का जिक्र किया है। जांच एजेंसी ने 28 जुलाई को विशेष अदालत में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
सीबीआई के अनुसार, जांच में पुणे की एक रिहायशी सोसायटी के एंट्री मैनेजमेंट एप का रिकॉर्ड भी अहम सबूत के तौर पर सामने आया है। इसी सोसायटी में एनटीए के केमिस्ट्री विशेषज्ञ और आरोपी पीवी कुलकर्णी रहते थे।
सोसायटी एप रिकॉर्ड से मिले अहम सबूत
सीबीआई ने बताया कि सोसायटी के रिकॉर्ड से उन छात्रों और उनके अभिभावकों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जो अप्रैल में कुलकर्णी की ओर से आयोजित विशेष कोचिंग कक्षाओं में शामिल हुए थे।
जांच एजेंसी ने इन रिकॉर्ड को छात्रों के मोबाइल फोन कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा से भी मिलाया। ये गतिविधियां NEET UG परीक्षा से कुछ दिन पहले की बताई गई हैं। परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी।
तीन NTA विशेषज्ञ जांच के घेरे में
सीबीआई की जांच में एनटीए के पैनल में शामिल पुणे के तीन विषय विशेषज्ञों की भूमिका सामने आई है।
इनमें शामिल हैं:
- पीवी कुलकर्णी – केमिस्ट्री विशेषज्ञ
- मनीषा गुरुनाथ मंधारे – जूलॉजी और बॉटनी विशेषज्ञ
- मनीषा संजय हवलदार – फिजिक्स विशेषज्ञ
सीबीआई का आरोप है कि इन विशेषज्ञों ने परीक्षा प्रक्रिया की कमियों का फायदा उठाकर गोपनीय सवाल हासिल किए और उन्हें पैसे लेकर आगे पहुंचाया।
कोचिंग क्लास में छात्रों को दिए गए थे सवाल
सीबीआई के मुताबिक, ब्यूटीशियन मनीषा संजय वाघमारे ने कुलकर्णी और मंधारे की अप्रैल में हुई विशेष कोचिंग कक्षाओं में छात्रों को भेजा था।
जांच में सामने आया कि इन कक्षाओं में छात्रों की कॉपियों में विशेषज्ञों की ओर से बताए गए सवाल लिखे गए थे। कुछ सवालों को "महत्वपूर्ण" और "बहुत महत्वपूर्ण" के रूप में चिन्हित किया गया था।
एजेंसी का दावा है कि यही सामग्री बाद में राजस्थान और हरियाणा तक छात्रों और बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई।
फिजिक्स के 68 सवालों का जिक्र
सीबीआई ने फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा संजय हवलदार की भूमिका का भी उल्लेख किया है। आरोप है कि मंधारे के कहने पर उन्होंने एक अभ्यर्थी की मां को फिजिक्स के 68 सवालों वाले 16 पन्ने उपलब्ध कराए।
जांच एजेंसी ने लीक हुए सवालों और अन्य सामग्री को दिल्ली विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ पैनल के पास भेजा। जांच में पाया गया कि लीक सामग्री का NEET UG 2026 के कुछ पेपर सेट से काफी हद तक मिलान हुआ।
सीबीआई के अनुसार, जिन पेपर सेट तक संबंधित विशेषज्ञों की पहुंच थी, उनमें सवालों का मिलान करीब 85 प्रतिशत तक पाया गया।
NTA की प्रक्रिया में खामियों का आरोप
सीबीआई ने चार्जशीट में दावा किया है कि NEET प्रश्नपत्र तैयार करने, अनुवाद और बैक-ट्रांसलेशन की प्रक्रिया में मौजूद कमियों का आरोपियों ने फायदा उठाया।
जांच के मुताबिक, कुलकर्णी ने सवालों के छोटे नोट तैयार किए, कुछ सवाल याद किए और बाद में उन्हें दोबारा तैयार किया। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने NEET UG 2026 के तीन सेट के बैक-ट्रांसलेशन में भूमिका निभाई थी और इन्हीं सेट से लीक सामग्री का सबसे ज्यादा मिलान मिला।
कोचिंग संचालक भी आरोपी
सीबीआई ने कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज रघुनाथ मुतगांवकर को भी आरोपी बनाया है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, उसे एक बिचौलिए के माध्यम से प्रश्नपत्र मिले थे, जिन्हें उसने पैसे लेकर अपने छात्रों तक पहुंचाया।
सीबीआई मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है।