Wednesday, July 22, 2026 04:32:51 AM

एलपीयू 2-5 करोड़ प्लेसमेंट
एलपीयू ने इंजीनियरिंग शिक्षा में बनाई मजबूत पहचान, 2.5 करोड़ रुपये का अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट पैकेज रहा आकर्षण

एलपीयू ने 2.5 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट पैकेज, 6,000+ जॉब ऑफर, उद्योग आधारित बी.टेक पाठ्यक्रम, ग्लोबल टेक इमर्शन और वैश्विक साझेदारियों के साथ इंजीनियरिंग शिक्षा में नई पहचान बनाई।

एलपीयू ने इंजीनियरिंग शिक्षा में बनाई मजबूत पहचान 25 करोड़ रुपये का अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट पैकेज रहा आकर्षण
एलपीयू 2-5 करोड़ प्लेसमेंट |

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए शैक्षणिक मॉडल, उद्योग आधारित बी.टेक कार्यक्रमों, वैश्विक साझेदारियों और बेहतरीन प्लेसमेंट रिकॉर्ड के दम पर देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना रही है।

हाल ही में विश्वविद्यालय ने 2.5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट पैकेज हासिल किया है। यह किसी भारतीय विश्वविद्यालय के छात्र को मिले सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय पैकेजों में से एक माना जा रहा है। यह उपलब्धि वैश्विक स्तर पर एलपीयू के इंजीनियरिंग छात्रों की बढ़ती मांग को भी दर्शाती है।

यह सफलता ऐसे प्लेसमेंट सीजन के दौरान मिली, जिसमें 2,225 से अधिक कंपनियों ने हिस्सा लिया और विभिन्न क्षेत्रों में 6,000 से ज्यादा नौकरी के प्रस्ताव दिए गए।

बड़ी टेक कंपनियों ने की भर्ती

एलपीयू के छात्रों की भर्ती के लिए अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, सर्विसनाउ, इंटेल, आईबीएम, सिस्को, एसएपी लैब्स, पालो ऑल्टो नेटवर्क्स और ऑटोडेस्क जैसी प्रमुख वैश्विक तकनीकी कंपनियां विश्वविद्यालय पहुंचीं।

इस दौरान कंप्यूटर साइंस, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस और अन्य इंजीनियरिंग शाखाओं के छात्रों को रोजगार के अच्छे अवसर मिले।

आधुनिक तकनीकों पर आधारित इंजीनियरिंग शिक्षा

एलपीयू के इंजीनियरिंग छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर डिजाइन और डाटा इंजीनियरिंग जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में लगातार बेहतर अवसर प्राप्त कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय का कहना है कि इसकी प्रमुख वजह उद्योग से जुड़ी शिक्षा प्रणाली है। एलपीयू 50 से अधिक विशेषीकृत इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम संचालित करता है, जिन्हें गूगल क्लाउड, आईबीएम, इंटेल, कॉम्पटिया, जेबिया, क्वांटिफाई, पेटीएम और गीक्सफॉरगीक्स जैसी कंपनियों के सहयोग से तैयार किया गया है।

इन पाठ्यक्रमों में केवल कक्षा आधारित पढ़ाई ही नहीं, बल्कि उद्योग प्रमाणपत्र, लाइव प्रोजेक्ट, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और कंपनी आधारित तकनीकी प्रशिक्षण भी शामिल है, जिससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है।

छात्रों को मिलेगा ग्लोबल टेक अनुभव

अपनी वैश्विक सोच को आगे बढ़ाते हुए एलपीयू ने बी.टेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सिस्टम डिजाइन के छात्रों के लिए "ग्लोबल टेक इमर्शन" कार्यक्रम शुरू किया है।

इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, दिल्ली-एनसीआर और दुबई जैसे प्रमुख टेक हब का अनुभव कराया जाता है। यहां वे स्टार्टअप संस्थापकों, मुख्य तकनीकी अधिकारियों (CTO) और तकनीकी विशेषज्ञों से संवाद करते हैं तथा AI, क्लाउड आर्किटेक्चर, साइबर सुरक्षा और सिस्टम डिजाइन से जुड़े वास्तविक प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर प्राप्त करते हैं।

80 से अधिक देशों के विश्वविद्यालयों से साझेदारी

एलपीयू के 80 से अधिक देशों में स्थित 500 से ज्यादा साझेदार विश्वविद्यालय हैं। इनके माध्यम से छात्रों को अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अन्य देशों में अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर, सेमेस्टर एक्सचेंज और संयुक्त शोध कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलता है।

राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मिली पहचान

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी को NAAC की ओर से A++ ग्रेड मान्यता प्राप्त है। वहीं, NIRF 2025 रैंकिंग में विश्वविद्यालय को भारत के शीर्ष 50 संस्थानों में स्थान मिला है, जबकि इंजीनियरिंग श्रेणी में यह शीर्ष 48 संस्थानों में शामिल है।

इसके अलावा, Times Higher Education World University Rankings 2026 में भी एलपीयू को वैश्विक स्तर के प्रमुख विश्वविद्यालयों में जगह मिली है।

विश्वविद्यालय लगातार शोध, नवाचार, उद्योग सहयोग और वैश्विक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है।

'अर्न योर फी बैक' पहल से छात्रों को मिलेगा लाभ

विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एलपीयू ने "अर्न योर फी बैक" पहल शुरू की है। इसके तहत योग्य छात्रों को सफल प्लेसमेंट के जरिए अपनी शैक्षणिक फीस वापस प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

विश्वविद्यालय का कहना है कि यह पहल करियर आधारित शिक्षा और शिक्षा पर बेहतर रिटर्न देने की सोच को मजबूत करती है।

इसके साथ ही "एडू रिवोल्यूशन" पहल के तहत छात्रों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाकर लाइव प्रोजेक्ट्स, हैकाथॉन और उद्योग से जुड़े आय अर्जित करने वाले कार्यों में शामिल किया जाता है। इससे छात्रों के व्यावहारिक कौशल मजबूत होते हैं और उन्हें डिग्री पूरी होने से पहले ही अपनी शिक्षा पर होने वाले खर्च की भरपाई करने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं।


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