Saturday, September 05, 2026 01:13:51 AM

गांवों के स्कूल सुधारने का CJP अभियान
गांवों के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए CJP का देशव्यापी अभियान, 15 अगस्त से होगी शुरुआत

कॉकरेच जनता पार्टी 15 अगस्त से गांवों के सरकारी स्कूलों की सुविधाएं सुधारने का देशव्यापी अभियान शुरू करेगी। अभिभावक स्कूलों का ऑडिट करेंगे और सरपंचों के लिए ‘सरपंच चैलेंज’ शुरू किया जाएगा।

गांवों के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए cjp का देशव्यापी अभियान 15 अगस्त से होगी शुरुआत
गांवों के स्कूल सुधारने का CJP अभियान |

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू होगा। दीपके ने नागरिकों, अभिभावकों और गांव के नेताओं से सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने में सहयोग करने की अपील की है।

दीपके ने कहा कि पिछले 80 वर्षों में गांवों के सरकारी स्कूलों की सबसे ज्यादा अनदेखी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर नई संसद और नया प्रधानमंत्री आवास बनाया जा सकता है, तो गांवों में बेहतर स्कूल क्यों नहीं बनाए जा सकते। उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों के बच्चे भी देश का भविष्य हैं।

अभिभावक स्कूलों में इन सुविधाओं की करेंगे जांच

अभियान के तहत अभिभावकों से स्कूल जाकर वहां की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखने की अपील की गई है। उन्हें यह जांचना होगा कि स्कूल में बिजली, साफ पीने का पानी और काम करने वाले शौचालय हैं या नहीं। इसके साथ ही मिड-डे मील की व्यवस्था भी देखी जाएगी।

दीपके ने कहा कि कई गांवों में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और स्कूल पहुंचने के बाद भी पानी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं मिलतीं। उन्होंने छात्राओं को होने वाली परेशानियों पर भी चिंता जताई।

CJP जल्द ही एक प्रिंटेबल ऑडिट फॉर्म जारी करेगी। इसमें अभिभावक स्कूल में उपलब्ध और नहीं मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

‘सरपंच चैलेंज’ के जरिए स्कूल सुधारने की पहल

CJP ने देशभर के सरपंचों से अपने गांव के सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की अपील की है। इस पहल को ‘सरपंच चैलेंज’ नाम दिया गया है।

जो सरपंच अपने गांव के स्कूल में सुधार करेंगे, उनके काम को सोशल मीडिया पर सामने लाया जाएगा। CJP स्कूल की सुधार से पहले और बाद की तस्वीरें साझा करेगी और संबंधित सरपंच को इसका श्रेय दिया जाएगा।

दीपके ने कहा कि एक गांव का स्कूल बेहतर होगा तो दूसरे गांवों के सरपंच भी उससे प्रेरणा ले सकते हैं। उन्होंने इस पहल की शुरुआत महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव से करने की बात कही है।

स्कूल की कमियों का वीडियो भी बनाया जाएगा

CJP ने अभिभावकों से कहा है कि अगर स्कूल में जरूरी सुविधाएं नहीं हैं तो वे उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग करें। संगठन के ऑडिट फॉर्म में स्कूल की स्थिति दर्ज की जाएगी और अभियान से जुड़े वीडियो के साथ फॉर्म साझा करने के लिए लिंक भी दिया जाएगा।

दीपके ने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलना उनका मौलिक अधिकार है। उन्होंने लोगों से गांव के बच्चों के लिए स्कूलों को बेहतर बनाने का संकल्प लेने की अपील की।

शिक्षा के मुद्दे पर क्यों सक्रिय हुई CJP?

कॉकरेच जनता पार्टी की शुरुआत ऑनलाइन व्यंग्य मंच के रूप में हुई थी। बाद में संगठन ने सड़क पर अभियान शुरू किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ उसका 36 दिन का आंदोलन 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ था।

इसके बाद महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में हुई दो दिवसीय रणनीति बैठक में CJP ने चुनावी राजनीति में जाने के बजाय युवा आंदोलन के रूप में आगे बढ़ने का फैसला किया। संगठन ने देशभर में पहुंच बनाने के लिए ‘क्या बोलती पब्लिक?’ अभियान की घोषणा भी की।

अब गांवों के सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का अभियान CJP की नई पहल के रूप में सामने आया है। दीपके इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में देश के युवाओं से बात करने की अपील भी कर चुके हैं।


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