Tuesday, March 10, 2026 12:04:10 PM

विजय गोयल का योगी सरकार पर हमला
यूपी सरकार का आवारा कुत्तों पर नोटिफिकेशन सुप्रीम कोर्ट आदेश के खिलाफ : विजय गोयल

पूर्व मंत्री विजय गोयल ने नोएडा में यूपी सरकार के आवारा कुत्तों से संबंधित नोटिफिकेशन की गंभीर आपत्ति जताई, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन बताया।

यूपी सरकार का आवारा कुत्तों पर नोटिफिकेशन सुप्रीम कोर्ट आदेश के खिलाफ  विजय गोयल
मीडिया को संबोधित करते विजय गोयल | पाठकराज
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नोएडा। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने शुक्रवार को नोएडा सेक्टर 29 स्थित नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को सबंधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में जारी किए गए आवारा कुत्तों से संबंधित नोटिफिकेशन पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह नोटिफिकेशन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करता है और इससे समस्या के समाधान के बजाय स्थिति और अधिक जटिल हो जाएगी।

गोयल ने कहा कि यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं, उनमें कई प्रावधान न केवल अस्पष्ट हैं बल्कि कुछ तो सुप्रीम कोर्ट की भावना के खिलाफ भी प्रतीत होते हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर नारा दिया – “आवारा कुत्तों को हटाओ, देश बचाओ।”

 

गोयल के तर्क

विजय गोयल ने देश में बढ़ती कुत्तों से जुड़ी समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा –

  1. दुनिया के किसी भी देश में इतनी बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते सड़कों पर नहीं दिखते।

  2. भारत में ही कुत्तों के काटने की सबसे ज्यादा घटनाएं हो रही हैं।

  3. रेबीज के सर्वाधिक मामले भी भारत में दर्ज होते हैं।

  4. वैक्सीन की सबसे अधिक खपत यहीं पर है।

  5. पर्यटन (टूरिज्म) पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।

 

सरकार को दिए सुझाव

गोयल ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि –

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा किए बिना आवारा कुत्तों पर ठोस निर्णय लिया जाए।

  • इनके लिए शेल्टर होम बनाने की शुरुआत अभी से हो, ताकि आगे किसी आदेश के बाद तत्काल व्यवस्था की जा सके।

 

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूपी सरकार की अधिसूचना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करती पाई गई, तो इसके खिलाफ वे कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।विजय गोयल ने बताया कि उन्हें लगातार नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पूरे NCR से बैठकें करने के निमंत्रण मिल रहे हैं। इन बैठकों के बाद वे आंदोलन की दिशा तय करने के लिए बड़ा फैसला लेंगे।

 

समाजसेवी संस्थाओं पर सवाल

गोयल ने यह भी आरोप लगाया कि आवारा कुत्तों को खिलाने और बचाने के नाम पर काम करने वाले कई एनजीओ विदेशी फंडिंग से चलते हैं, और इनके असली इरादों की गहन जांच होनी चाहिए।


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