Tuesday, March 10, 2026 07:53:29 AM

नोएडा में सड़क सुरक्षा प्रोजेक्ट
नोएडा में सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा कदम: Google Maps पर दिखेगी स्पीड लिमिट और एक्सीडेंट जोन अलर्ट

नोएडा में सड़क हादसों को कम करने के लिए नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू, गूगल मैप पर स्पीड लिमिट और एक्सीडेंट जोन अलर्ट दिखाई देंगे।

नोएडा में सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा कदम google maps पर दिखेगी स्पीड लिमिट और एक्सीडेंट जोन अलर्ट
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी | पाठकराज
पाठकराज

नोएडा। उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। नोएडा पुलिस ने सड़क सुरक्षा के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसके तहत गूगल मैप पर अब शहर की सड़कों की स्पीड लिमिट और एक्सीडेंट जोन अलर्ट दिखाए जाएंगे।

नोएडा की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक ओवरस्पीडिंग है। आंकड़ों के मुताबिक, शहर में होने वाले करीब 53% हादसे तेज रफ्तार की वजह से होते हैं। इस पायलट प्रोजेक्ट का लक्ष्य है कि आने वाले समय में सड़क हादसों में कम से कम 50% की कमी लाई जाए। भारत में हर साल करीब 22,000 लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है, जिनमें से बड़ी संख्या उन घटनाओं की है जो रफ्तार पर नियंत्रण न रहने के कारण होती हैं।

 

गूगल पर अब ड्राइवरों को रियल-टाइम अलर्ट मिलेंगे

जिस सड़क पर वे चल रहे होंगे, वहां की स्पीड लिमिट दिखेगी।

जैसे ही वाहन किसी एक्सीडेंट प्रोन जोन या ब्लैक स्पॉट के पास पहुंचेगा, मैप पर चेतावनी का अलर्ट मैसेज मिलेगा।

 

नोएडा पुलिस का कहना है कि यह प्रोजेक्ट टेक्नोलॉजी और ट्रैफिक मैनेजमेंट का एक नया समन्वय है, जो सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ चालकों को सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करेगा।

“हमारा उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि हादसों को रोकना है। तकनीक के उपयोग से सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाया जाएगा।” — नोएडा पुलिस आयुक्त

यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों — जैसे लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और गाजियाबाद — में भी लागू करने की योजना है।


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