नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने बकाया भुगतान नहीं करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक और बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने सेक्टर स्थित लोटस पानस सोसाइटी पर कार्रवाई करते हुए तीन टावर, करीब 200 फ्लैट और 10 दुकानों को सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से जुड़े बिल्डर पर 702 करोड़ रुपये का बकाया है। कई बार नोटिस भेजने और समय देने के बावजूद बिल्डर ने न तो बकाया राशि जमा की और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया।
प्राधिकरण का सख्त रुख
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि बिल्डर को कई चरणों में नोटिस भेजे गए थे, लेकिन भुगतान न होने पर यह कार्रवाई अनिवार्य हो गई।
प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा —
“कई बिल्डरों ने वर्षों से प्राधिकरण की जमीन का पैसा रोका हुआ है। चेतावनी के बावजूद जब भुगतान नहीं किया गया, तो अब कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प बचा था। आगे भी जो भी बिल्डर नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।”
होमबायर्स की बढ़ी चिंता
सोसाइटी के कई खरीदारों ने बताया कि बिल्डर के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई से उन्हें एक तरफ राहत तो मिली है कि अब जवाबदेही तय हो रही है, लेकिन दूसरी तरफ सीलिंग से अनिश्चितता भी बढ़ गई है। कई फ्लैट खरीदारों ने आशंका जताई है कि बिल्डर की वित्तीय स्थिति पहले से ही कमजोर है और अब यह कार्रवाई उनके कब्जे की प्रक्रिया को और लंबा कर सकती है।
लोटस ग्रुप की मुश्किलें बढ़ीं
यह पहली बार नहीं है जब लोटस ग्रुप की किसी परियोजना पर कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी लोटस बुलेवार्ड और लोटस 300 जैसे प्रोजेक्ट्स में बकाया और विलंब को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं। अब लोटस पानस पर हुई यह कार्रवाई ग्रुप के लिए एक और बड़ा झटका मानी जा रही है।
प्राधिकरण का संदेश — “बकाया नहीं चुकाया तो होगी कार्रवाई”
नोएडा प्राधिकरण ने साफ कहा है कि जिन बिल्डरों पर प्राधिकरण का पैसा बकाया है, उन्हें जल्द भुगतान करना होगा, अन्यथा उनके प्रोजेक्ट पर भी सीलिंग या कब्जा जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण इस अभियान को “बकाया वसूली और अनुपालन सख्ती” के तहत चला रहा है। लोटस पानस सोसाइटी नोएडा एक्सप्रेसवे के पास स्थित है और इसे हजारों परिवारों के लिए बनाया गया था।
कई खरीदारों ने वर्षों पहले भुगतान करने के बावजूद अब तक पजेशन नहीं मिला है। प्राधिकरण की यह कार्रवाई उन परियोजनाओं पर भी दबाव बढ़ा रही है जो लंबे समय से नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।