Monday, March 16, 2026 11:25:55 AM

नाबालिग साइबर अपराध की शिकार
फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट का मामला: किशोरी बनी साइबर अपराध का शिकार, पुलिस ने दर्ज किया केस

ग्रेटर नोएडा में 16 वर्षीय किशोरी के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर अश्लील फोटो और वीडियो अपलोड किए गए।

फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट का मामला किशोरी बनी साइबर अपराध का शिकार पुलिस ने दर्ज किया केस
सांकेतिक तस्वीर | पाठकराज
पाठकराज

ग्रेटर नोएडा वेस्ट। थाना बिसरख क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी साइबर अपराध का शिकार हो गई। अज्ञात व्यक्ति ने उसके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर उस पर अश्लील फोटो और वीडियो अपलोड किए। यही नहीं, आरोपी ने अकाउंट में किशोरी का निजी मोबाइल नंबर भी डाल दिया, जिससे उसे लगातार अश्लील मैसेज और कॉल्स मिलने लगे। इस घटना ने पीड़िता और उसके परिवार को गहरे मानसिक आघात में डाल दिया है।


 

कैसे हुआ खुलासा?

किशोरी के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि हाल ही में उनकी बेटी ने देखा कि इंस्टाग्राम पर उसके नाम से एक अकाउंट बनाया गया है। जब उन्होंने प्रोफाइल खोला, तो उसमें अश्लील और मॉर्फ्ड (कृत्रिम रूप से बदले हुए) फोटो व वीडियो पोस्ट किए गए थे। साथ ही, प्रोफाइल में उसका नंबर भी सार्वजनिक कर दिया गया था।इसके बाद अज्ञात लोगों के कॉल्स और मैसेज आने लगे। परिवार को सामाजिक बदनामी का डर सताने लगा। किशोरी तनाव में आ गई और उसकी पढ़ाई पर भी असर पड़ा।


 

पुलिस जांच और धाराएं

शिकायत मिलने के बाद थाना बिसरख पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने साइबर सेल को तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। आरोपी का आईपी एड्रेस ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस को शक है कि आरोपी कोई ऐसा व्यक्ति है जो किशोरी को जानता है, क्योंकि उसके पास नंबर और निजी फोटो की जानकारी थी।


 

बढ़ते साइबर अपराध पर चिंता

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पिछले एक साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां नाबालिगों या युवतियों के नाम पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। 2024 में साइबर सेल ने ऐसे 120 से अधिक मामलों में जांच की थी, जिनमें 40 से ज्यादा किशोर-किशोरियां पीड़ित थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नजर रखनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस में रिपोर्ट करनी चाहिए।


 

पुलिस का आश्वासन

जांच अधिकारियों ने कहा है कि आरोपी की जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही पीड़िता की मदद के लिए काउंसलिंग और साइबर सुरक्षा सलाह भी दी जाएगी ताकि मानसिक आघात से उबर सके।


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