NEET-UG 2026 री-एग्जाम में मोबाइल से चीटिंग के आरो

नीट-यूजी री-एग्जाम में मोबाइल से चीटिंग की आरोपी छात्रा न्यायिक हिरासत में भेजी गई

नीट री एग्जाम मोबाइल से चीटिंग करती छात्रा पकड़ी

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET)-UG 2026 री-एग्जाम के दौरान मोबाइल फोन से चीटिंग करने के आरोप में पकड़ी गई छात्रा को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कोर्ट से बाहर निकलते समय छात्रा ने अपना चेहरा छुपा लिया।

पुलिस ने मामले में बरामद मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि मोबाइल का इस्तेमाल केवल प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए किया गया था या परीक्षा से जुड़ी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने का भी प्रयास किया गया था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो छात्रा के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कानून में दोष सिद्ध होने पर पांच साल तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

जानकारी के अनुसार, रविवार को बिंदायका स्थित परीक्षा केंद्र में परीक्षा के दौरान एक छात्रा संदिग्ध गतिविधियां करती हुई दिखाई दी थी। परीक्षा कक्ष में मौजूद शिक्षकों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसकी जांच की गई। तलाशी लेने पर उसके पास मोबाइल फोन मिला।

जांच में सामने आया कि छात्रा ने मोबाइल फोन को अंडरगारमेंट्स में शर्ट के बटन के नीचे छिपाकर रखा था। आरोपी छात्रा की पहचान प्रेम नगर गुर्जर की थड़ी निवासी 22 वर्षीय हिमांशी तिवाड़ी के रूप में हुई।

पुलिस पूछताछ में छात्रा ने बताया कि वह परीक्षा के दौरान एआई की मदद से प्रश्नों के उत्तर खोजने के उद्देश्य से मोबाइल लेकर आई थी। परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने मोबाइल जब्त कर पुलिस को सौंप दिया था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा समाप्त होने से लगभग 15 मिनट पहले मोबाइल में नीट प्रश्नपत्र की तस्वीरें मौजूद थीं। हालांकि परीक्षा केंद्र के आसपास जैमर सक्रिय होने के कारण वह तस्वीरें या अन्य जानकारी बाहर नहीं भेज सकी थी।

प्रारंभिक जांच के दौरान यह जानकारी भी मिली कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय मेटल डिटेक्टर ने दो बार अलर्ट दिया था। पूछताछ में छात्रा ने सुरक्षा कर्मियों को बताया था कि यह अलर्ट अंडरगारमेंट्स में लगे हुक के कारण आ रहा है। इसके बाद उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे दिया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्रा के अलावा परीक्षा केंद्र के अधीक्षक और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से भी देर रात तक पूछताछ की। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी रहीं कि सुरक्षा जांच के बावजूद मोबाइल फोन परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंचा।