लखनऊ विश्वविद्यालय ने सत्यम यादव को अनुशासनहीनता औ

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र निष्कासन पर बवाल, सत्यम यादव पर बड़ी कार्रवाई; फीस वृद्धि और अनुशासन को लेकर धरना जारी

लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र निष्कासन पर संघर्ष

लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते एक और छात्र को निष्कासित कर दिया है। BA-LLB सेकेंड ईयर के छात्र सत्यम यादव पर यह कार्रवाई की गई है। विश्वविद्यालय ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब उन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध किसी भी महाविद्यालय में भविष्य में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

जांच रिपोर्ट के आधार पर निष्कासन

कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि डीन स्टूडेंट वेलफेयर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जांच रिपोर्ट के आधार पर छात्र के खिलाफ कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में छात्र पर विश्वविद्यालय की मर्यादाओं के खिलाफ आचरण करने, बिना अनुमति परिसर और छात्रावास में प्रवेश करने तथा प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने के आरोप सही पाए गए हैं।

आदेश के अनुसार, 21 मई 2026 को छात्र पर न्यू कैंपस स्थित होमी जहांगीर भाभा छात्रावास में अनधिकृत प्रवेश का आरोप है। इसी दिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की निरीक्षण टीम के दौरे के दौरान कार्य में बाधा डालने की बात भी कही गई है।

इसके अलावा आरोप है कि छात्र ने सोशल मीडिया के जरिए विश्वविद्यालय की छवि खराब करने वाली भ्रामक जानकारी फैलाई, जिससे परिसर में शांति और अनुशासन प्रभावित हुआ।

पहले से विवादों में रहा छात्र

दस्तावेजों के अनुसार, फरवरी 2025 में छात्र द्वारा व्हाट्सएप पर एक संदेश प्रसारित किया गया था, जिसमें पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध करने की बात कही गई थी। इसके अलावा छात्र पर बिना अनुमति छात्रावास में प्रवेश, समर्थकों के साथ परिसर में पहुंचने और प्रशासनिक अधिकारियों से अभद्र व्यवहार व धमकी देने जैसे आरोप भी दर्ज हैं।

छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी

इधर, LU कैंपस में निष्कासन के विरोध में छात्रों का धरना लगातार दसवें दिन भी जारी है। छात्र सरस्वती प्रतिमा के पास प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रशासनिक फैसले के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इस आंदोलन को कई पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों के नेताओं का समर्थन मिल रहा है।

पूर्व सांसद धनंजय सिंह का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें वह फीस वृद्धि और छात्र आंदोलन के समर्थन की बात करते नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

इसी बीच कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय पहुंचा और कुलसचिव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्र नेताओं पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने और बढ़ी हुई फीस पर पुनर्विचार की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छात्रों में बढ़ा असंतोष संवाद की कमी का परिणाम है, इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन को सकारात्मक पहल करनी चाहिए। उनका कहना था कि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए ताकि शैक्षणिक माहौल प्रभावित न हो।

प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की समीक्षा करने की अपील की।

प्रशासन का रुख सख्त

कुलसचिव के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच में सभी आरोप सही पाए जाने के बाद छात्र को तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया गया है और भविष्य में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों और छात्र को भेज दी गई है।