नगरासू दमदमा साहिब गुरुद्वारे में गतिरोध कम होने के संकेत, तीन निहंग नीचे उतरे
नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में पिछले तीन दिनों से जारी गतिरोध अब धीरे-धीरे समाप्त होता नजर आ रहा है। गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर मौजूद सात निहंगों में से तीन नीचे उतर चुके हैं। इनमें से दो को पुलिस प्रशासन ने उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया है, जबकि चार निहंग अभी भी छत पर डटे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात प्रशासन के समझाने पर एक निहंग नीचे आ गया था। सोमवार सुबह दो अन्य निहंग भोजन लेने के लिए लंगर स्थल पहुंचे। इनमें से एक भोजन लेकर वापस छत पर चला गया, जबकि दूसरे को पुलिस ने वहीं रोक लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान छत पर मौजूद निहंगों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए पत्थरबाजी की। वहीं एक निहंग तलवार लहराते हुए आगे बढ़ा, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
प्रशासन और पुलिस लगातार कर रहे हैं वार्ता
सोमवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने भी मौके का निरीक्षण किया। उनके साथ अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत, एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, पुलिस क्षेत्राधिकारी विकास पुंडीर और कोतवाली प्रभारी सुरेश बलूनी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने निहंगों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, आईटीबीपी और अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने तोड़फोड़ का लगाया आरोप
गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रबंधक बाबा बेअंत सिंह ने आरोप लगाया कि छत पर मौजूद निहंग लगातार गुरुद्वारे की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनके अनुसार तीसरी और चौथी मंजिल की दीवारों सहित अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ की गई है। उन्होंने कहा कि निहंग टूटे हुए सामान का इस्तेमाल अपने बचाव के लिए कर रहे हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद
नगरासू गुरुद्वारे में यह विवाद गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच मतभेद के बाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद मामला बढ़ गया।
गुरुद्वारा प्रबंधन के अनुसार, मांगें पूरी नहीं होने पर निहंग तीसरी और चौथी मंजिल पर चले गए और खुद को अंदर बंद कर लिया। वहीं सेवादार और निहंग इस विवाद को कर्णप्रयाग में हुई एक घटना से जोड़ रहे हैं और अपने साथियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
हालांकि पुलिस का कहना है कि इस विवाद का कर्णप्रयाग की घटना से कोई संबंध नहीं है। एसपी निहारिका तोमर के मुताबिक, जब मामला बढ़ा तो गुरुद्वारा प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। तब तक निहंग ऊपरी मंजिलों पर पहुंच चुके थे। शनिवार से पुलिस लगातार उनसे बातचीत कर रही है, लेकिन चार निहंग अभी भी वहीं मौजूद हैं।
स्थानीय लोगों से नहीं जुड़ा है विवाद
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, यह विवाद स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच नहीं बल्कि गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच का है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात कुछ बाहरी लोग गुरुद्वारे के आसपास पहुंच रहे हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो सकता है। उन्होंने ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने और हाल के दिनों में हुई पत्थरबाजी में बाहरी तत्वों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।
सुरक्षा के बीच प्रभावित हुई श्रद्धालुओं की आवाजाही
राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नगरासू गुरुद्वारे के आसपास यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। हालांकि सुरक्षा कारणों से गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है।
पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। वहीं पिछले तीन दिनों से गुरुद्वारे में सीमित स्तर पर लंगर सेवा संचालित की जा रही है।